कलेक्टर तिवारी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स की बैठक आयोजित,धरमपुरा, पाली और गिदुरहा जलाशय परियोजनों की प्रगति पर हुई विस्‍तृत चर्चा

By Gaurav Kabir

Published on: अभी-अभी

कटनी – कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में गुरूवार को कलेक्टर आशीष तिवारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के प्रमुख जलाशयों की प्रगति, वन भूमि विवादों के

कटनी – कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में गुरूवार को कलेक्टर आशीष तिवारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के प्रमुख जलाशयों की प्रगति, वन भूमि विवादों के निपटारे और वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव विश्वकर्मा, वन मण्डलाधिकारी श्री गर्वित गंगवार, सहायक क्‍टर श्‍लोक वाइकर मौजूद रहे।

बैठक के दौरान कार्यपालन यंत्री जल संसाधन द्वारा बताया गया कि धरमपुरा जलाशय परियोजना के डूब क्षेत्र की के.एम.एल. फाइल और अक्षांश-देशांस लेकर वन विभाग द्वारा रकबे की पुष्टि कर ली गई है। वर्तमान में स्टेज-1 की स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जिस पर कलेक्टर श्री तिवारी ने वनमंडलाधिकारी श्री गंगवार को 3 दिनों के भीतर ‘ई.डी.एस. भाग-2’ की कार्यवाही पूर्ण करने तथा जल संसाधन विभाग को के.एम.एल. फाइल में सुधार करने के निर्देश दिए।

इसी प्रकार पाली जलाशय परियोजना में वन भूमि के बदले ग्राम कुदरा (तहसील ढीमरखेड़ा) में 20.17 हेक्टेयर राजस्व भूमि प्रदान की गई है। कलेक्टर ने आगामी शनिवार को राजस्व, वन और जल संसाधन विभाग की संयुक्त उपस्थिति में इस भूमि का सीमांकन कराने के निर्देश तहसीलदार ढीमरखेड़ा को दिए। साथ ही जल संसाधन विभाग को ‘परिवेश पोर्टल’ पर वन भूमि व्यपवर्तन हेतु आवेदन करने हेतु निर्देंशित किया।

वहीं गिदुरहा जलाशय के डूब क्षेत्र की भूमि को लेकर वन विभाग और राजस्व विभाग के बीच विवाद की स्थिति सामने आई है। वन विभाग द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बहोरीबंद के पूर्व आदेश को अमान्य किए जाने पर, कलेक्टर श्री तिवारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच राज्य स्तरीय समिति से कराने का निर्णय लिया है, जिसके लिए राज्य शासन को पत्र भेजा जाएगा। साथ ही इस प्रकरण में धारा 19 की कार्यवाही विवरण प्रस्‍तुत करने हेतु वनमंडलाधिकारी को निर्देशित किया गया।

जल संसाधन विभाग द्वारा बताया गया कि वर्तमान में यहाँ कट-ऑफ की खुदाई और नहर निर्माण का कार्य प्रगति पर है। जलाशय निर्माण से प्रभावित भूमियों के वन सीमा विवाद का निराकरण में अंतिम निर्णय लिया जाना शेष है।

बैठक में वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत सामुदायिक वनों के संसाधन, संरक्षण एवं प्रबंधन के अधिकार (सी.एफ.आर.आर.) की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री तिवारी ने निर्देशित किया कि राजस्व ग्राम के छोटे-बड़े झाड़ के जंगल या वन सीमा से लगे समस्त गांवों में ग्रामों मे सी.एफ.आर.आर. दावे ग्राम वन अधिकार समिति को सौंपा जाना है। वन ग्राम में ग्राम स्तरीय वन अधिकार समिति (एफ.आर.सी) के माध्यम से दावा तैयार कर किए जाएं। कलेक्‍टर श्री तिवारी ने इन दावों को ग्राम सभा से अनुमोदित कराकर उपखण्ड स्तरीय वन अधिकार समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान डिप्टी कलेक्टर विंकी सिंहमारे उइके, प्रदीप मिश्रा, उप संचालक खनिज रत्नेश दीक्षित, जिला संयोजक आदिम जति विमल चौरसिया, उप संचालक पशुपालन डॉ. आर के सोनी, उप वनमण्डल अधिकारी श्री सुरेश भरौले, क्षेत्रीय अधिकारी मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सुधांशु तिवारी सहित अन्‍य अधिकारी उपस्थित रहे।

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