कटनी (मध्य प्रदेश) | 28 मई, 2026
संघर्ष जब साहस से मिलता है, तो सफलता का जन्म होता है। कटनी जिले के बड़वारा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम बिजौरी की रुचि सिंह सेंगर ने इस बात को चरितार्थ कर दिखाया है। एक साधारण गृहिणी से लेकर एक सफल ट्रैक्टर एजेंसी की संचालक बनने तक का उनका सफर क्षेत्र की हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।
सीमित आय और असीमित सपने
37 वर्षीया स्नातक पास रुचि सिंह सेंगर का जीवन कभी खेती और घर की चारदीवारी तक सीमित था। परंपरागत खेती से होने वाली आय परिवार के भरण-पोषण के लिए अपर्याप्त थी। संसाधनों के अभाव में रुचि को छोटी-मोटी जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था। लेकिन उनके मन में कुछ बड़ा करने की तड़प हमेशा बनी रही।
‘राधे कृष्ण समूह’ से मिली नई दिशा
रुचि के जीवन में बदलाव तब आया जब उन्होंने जनपद पंचायत के माध्यम से स्व सहायता समूह की शक्ति को समझा। उन्होंने गांव की 10 महिलाओं को जोड़कर ‘राधे कृष्ण स्व सहायता समूह’ का गठन किया।
- शुरुआत: मात्र ₹3000 के छोटे ऋण से बचत की प्रक्रिया शुरू हुई।
- नेतृत्व: समूह की महिलाओं ने रुचि को उनकी योग्यता के आधार पर अध्यक्ष चुना।
साहसी फैसला: कृषि से उद्यमिता की ओर
खेती में उन्नत तकनीक अपनाने के बाद रुचि और उनके पति अमर सिंह सेंगर ने कुछ नया करने का विचार किया। इसी सोच ने ट्रैक्टर एजेंसी के सपने को जन्म दिया।
”पूंजी की कमी सबसे बड़ी बाधा थी, लेकिन समूह के माध्यम से मिले ₹3,00,000 के ऋण ने मेरे सपनों को पंख दे दिए।” – रुचि सिंह सेंगर
आज रुचि अपने पति के साथ मिलकर सफलतापूर्वक एजेंसी संचालित कर रही हैं और प्रतिमाह ₹15,000 से ₹20,000 की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं। बैंक ऋण की किश्तें भी समय पर चुकाई जा रही हैं।
प्रशासनिक सराहना: सामाजिक क्रांति का प्रतीक
जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने रुचि की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा:
”रुचि सिंह की कहानी यह सिद्ध करती है कि स्व सहायता समूह केवल आर्थिक माध्यम नहीं, बल्कि एक सामाजिक क्रांति है। यह महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्म-सम्मान के साथ जीना सिखाता है।”
प्रेरणा का स्रोत
आज रुचि सिंह सेंगर न केवल आर्थिक रूप से स्वतंत्र हैं, बल्कि वे अपने परिवार के खर्चों में बढ़-चढ़कर योगदान दे रही हैं। उनकी यह यात्रा साबित करती है कि यदि सही मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया जाए, तो ग्रामीण भारत की महिलाएं व्यापारिक जगत में भी अपना लोहा मनवा सकती हैं।







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