स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, जवाबदेही एवं जनहित सर्वोपरि : उपायुक्त,आयुष्मान कार्ड निर्माण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन एवं ई-संजीवनी सेवाओं की हुई व्यापक समीक्षा

By Gaurav Kabir

Published on: अभी-अभी

जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री रवि आनन्द की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं

जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री रवि आनन्द की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजनों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं तथा इसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण एवं सम्मानजनक सेवा उपलब्ध होनी चाहिए।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र लाभुकों का अधिक से अधिक आयुष्मान कार्ड निर्माण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) तथा व्यवहार परिवर्तन संचार (BCC) गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों में आयुष्मान योजना के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाओं को और सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत एएनसी पंजीकरण सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक लाभुक को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के साथ-साथ सभी नवजात शिशुओं का समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।

कुपोषण उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित एमटीसी केंद्रों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के बेहतर उपचार एवं पोषण प्रबंधन के लिए केंद्रों को आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित करना जरूरी है। उन्होंने जिन एमटीसी केंद्रों का कायाकल्प कार्य पांच वर्ष पूर्व पूरा हो चुका है, उनके सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत हेतु डीएमएफटी मद से प्रस्ताव तैयार कर अग्रसारित करने का निर्देश दिया। साथ ही हंटरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एमटीसी बेड क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए स्वयं स्थल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही।

वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान हाइड्रोसील रोगियों के लिए उपलब्ध निःशुल्क ऑपरेशन सुविधा का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि पात्र मरीजों को चिन्हित कर उन्हें इस सुविधा का लाभ दिलाया जाए, ताकि गंभीर रोगों से पीड़ित लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सके।

राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने टीबी स्क्रीनिंग लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने 100 दिवसीय टीबी अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा एक्स-रे मशीन क्रय हेतु प्रस्ताव को शीघ्र अग्रसारित करने को कहा।

ई-संजीवनी टेली-कंसल्टेशन सेवा की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कम प्रदर्शन वाले स्वास्थ्य संस्थानों को विशेष प्रयास कर सेवा में सुधार लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जिसका अधिकतम लाभ आमजन तक पहुंचना चाहिए।

बैठक के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को प्रोत्साहित भी किया गया। आम सेरेंगदाग स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र के सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ) श्री सूरज कुमार को ई-संजीवनी सेवा में राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर उपायुक्त द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

वहीं स्वास्थ्य सेवाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं करने वाले संबंधित चिकित्सा पदाधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने आवश्यक कार्रवाई के तहत उनका वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया।

बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को अपने-अपने कार्यस्थल पर समय से उपस्थित रहने, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

बैठक में सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी,सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं संबंधित स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।

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