शेखपुरा (23 जून 2026): बिहार के शेखपुरा जिले में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। मंगलवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में जिला पंचायत राज पदाधिकारी (DPRO) श्रीमती स्वाति कुमारी की अध्यक्षता में “पंचायत विकास दिवस” की तैयारियों और क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विकास योजनाओं को पारदर्शी बनाने, भ्रष्टाचार मुक्त कार्य संस्कृति विकसित करने और महिला सशक्तिकरण को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
ग्रामसभा में जनभागीदारी और पारदर्शिता पर फोकस
जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि ‘पंचायत विकास दिवस’ की सफलता पूरी तरह से आम जनता की भागीदारी पर निर्भर है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि:
- आगामी ग्रामसभाओं के आयोजन का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए।
- बैठकों की आधिकारिक सूचना समय पर निकाली जाए ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण और जनप्रतिनिधि इसमें हिस्सा ले सकें।
- शिलापट की अनिवार्यता: पंचायतों में चल रही चालू और पूर्ण हो चुकी योजनाओं की पूरी जानकारी ग्रामीणों के समक्ष रखी जाए। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अनिवार्य रूप से शिलापट (Information Board) के माध्यम से योजनाओं का विवरण प्रदर्शित किया जाए।
विकास के मुख्य संकल्प (Theme): महिला सुरक्षा और आत्मनिर्भरता
समीक्षा बैठक के दौरान DPRO महोदया ने उपस्थित प्रतिनिधियों से उनके पंचायत के मुख्य संकल्पों (Themes) पर चर्चा की। उन्होंने दो मुख्य एजेंडों पर विशेष बल दिया:
- भ्रष्टाचार मुक्त कार्य संस्कृति: पंचायती राज व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी और जवाबदेह बनाना।
- महिला सशक्तिकरण: पंचायतों में महिलाओं की सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता (Economic Self-reliance) के लिए विशेष कार्ययोजना (Action Plan) तैयार करना।
पिछड़े पंचायतों के विकास के लिए बनेगी विशेष रणनीति
बैठक में उन पंचायतों पर भी मंथन हुआ जो विकास के मानकों में पिछड़ गए हैं। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सभी मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य और उनके प्रतिनिधि मिलकर एक ठोस रणनीति बनाएं। हर पिछड़े पंचायत की समस्याओं को चिह्नित कर वहां प्राथमिकता (Priority) के आधार पर विकास कार्य कराए जाएंगे।
पंचायतों में होगा ‘मन की बात’ का प्रसारण
समीक्षा बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि माननीय प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के प्रसारण की व्यवस्था सभी पंचायतों में सुनिश्चित की जाए। संबंधित पदाधिकारी यह तय करेंगे कि ग्रामीण आसानी से इस कार्यक्रम को सुन और देख सकें।
बैठक में इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में पंचायती राज विभाग के जमीनी स्तर के सभी प्रमुख अधिकारी और कर्मी शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से:
- प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (BPRO)
- पंचायत सचिव
- कनीय अभियंता (Junior Engineer)
- लेखपाल (Accountant)
- डाटा एंट्री ऑपरेटर (DEO)
बैठक के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों और कर्मियों को सख्त लहजे में निर्देश दिया गया कि वे आपसी समन्वय (Coordination) स्थापित कर योजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करें और ‘पंचायत विकास दिवस’ को धरातल पर सफल बनाएं।






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