मध्य प्रदेश: खाद की कालाबाजारी और नकली उर्वरक की शिकायत पर मिलेगा ₹1,000 का इनाम, सरकार रखेगी नाम गुप्त

By Gaurav Kabir

Published on: May 27, 2026

​शिवपुरी: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। राज्य में खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, नकली या मिलावटी उर्वरकों

शिवपुरी: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा और कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए एक बेहद सराहनीय कदम उठाया है। राज्य में खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण, नकली या मिलावटी उर्वरकों के निर्माण और सब्सिडी वाले यूरिया के अवैध औद्योगिक उपयोग को पूरी तरह से रोकने के उद्देश्य से “सूचना दाता प्रोत्साहन योजना” लागू की गई है।

​इस योजना के तहत अब राज्य का कोई भी आम नागरिक, किसान या व्यापारी अवैध उर्वरक गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठा सकता है और सरकार की तरफ से इनाम भी पा सकता है।

कैसे दर्ज कराएं शिकायत? (शिकायत दर्ज कराने की पूरी प्रक्रिया)

​यदि आपको अपने क्षेत्र में खाद की अवैध जमाखोरी, मिलावट या कालाबाजारी की जानकारी मिलती है, तो आप नीचे दी गई प्रक्रिया के अनुसार शिकायत दर्ज करा सकते हैं:

  • हेल्पलाइन नंबर: शिकायत दर्ज कराने के लिए सरकार ने सी.एम. किसान हेल्पलाइन नंबर 155253 जारी किया है।
  • समय: आप किसी भी कार्यदिवस (Working Days) में सुबह 10:00 बजे से शाम 06:00 बजे के बीच इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
  • जरूरी जानकारियां: कॉल पर आपको घटना का सटीक स्थान (लोकेशन), समय, और संबंधित संदिग्ध व्यक्ति या संस्था का नाम बताना होगा।
  • साक्ष्य और बैंक डिटेल: यदि संभव हो, तो घटना से जुड़े फोटो या वीडियो साक्ष्य भी साझा करें। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को अपने बैंक खाते का विवरण (IFSC कोड सहित) देना होगा ताकि इनाम की राशि भेजी जा सके।
  • कलेक्टर द्वारा जांच: शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा गठित एक विशेष टीम तुरंत मौके पर जाकर जांच और कार्रवाई करेगी।
  • सफल कार्रवाई पर इनाम: यदि जांच में सूचना सही पाई जाती है और अवैध खाद की जब्ती या दोषी पर कार्रवाई (दोष सिद्धि) होती है, तो सूचनाकर्ता को 1,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
  • सीधे खाते में ट्रांसफर: यह इनाम राशि सफल कार्रवाई के 30 कार्य दिवसों के भीतर सीधे सूचनाकर्ता के बैंक खाते में ट्रांसफर (DBT) कर दी जाएगी।

गोपनीयता की गारंटी: सरकार द्वारा सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान को पूरी तरह से गुप्त और गोपनीय रखा जाएगा, जिससे शिकायतकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

जांच, कार्रवाई और ₹1,000 की प्रोत्साहन राशि

​शिकायत मिलने के बाद सरकार की ओर से त्वरित और सख्त एक्शन लिया जाएगा:

  1. कलेक्टर द्वारा जांच: शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा गठित एक विशेष टीम तुरंत मौके पर जाकर जांच और कार्रवाई करेगी।
  2. सफल कार्रवाई पर इनाम: यदि जांच में सूचना सही पाई जाती है और अवैध खाद की जब्ती या दोषी पर कार्रवाई (दोष सिद्धि) होती है, तो सूचनाकर्ता को 1,000 रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
  3. सीधे खाते में ट्रांसफर: यह इनाम राशि सफल कार्रवाई के 30 कार्य दिवसों के भीतर सीधे सूचनाकर्ता के बैंक खाते में ट्रांसफर (DBT) कर दी जाएगी।

प्रशासनिक जिम्मेदारी और निगरानी

​इस महत्वाकांक्षी योजना के सफल क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग और प्रभावी निगरानी की जिम्मेदारी जिला स्तर पर उप संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग को सौंपी गई है। शिवपुरी सहित पूरे मध्य प्रदेश में इस योजना को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को समय पर और सही दाम में यूरिया व अन्य उर्वरक मिल सकें।

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