एनीमिया के वास्तविक कारणों की पहचान कर करें उपचार, केवल लक्ष्य पूर्ति नहीं बेहतर परिणाम पर हो फोकस : कलेक्टर डॉ. सोनवणे

By Gaurav Kabir

Published on: 3 घंटे पहले

मिशन रानी अंतर्गत ओरिएंटेशन सह प्रशिक्षण कार्यक्रमकलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शनिवार आयोजित मिशन रानी अंतर्गत ओरिएंटेशन सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मिशन

मिशन रानी अंतर्गत ओरिएंटेशन सह प्रशिक्षण कार्यक्रमकलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शनिवार आयोजित मिशन रानी अंतर्गत ओरिएंटेशन सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मिशन रानी जिले में एनीमिया की जड़ से पहचान और उसके प्रभावी उपचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि किशोरी बालिकाओं, महिलाओं तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं में एनीमिया एक गंभीर जनस्वास्थ्य समस्या है, जिसके पीछे उचित पोषण के प्रति जागरूकता की कमी, असंतुलित खानपान, संक्रमण तथा आयरन की कमी जैसे अनेक कारण जिम्मेदार हैं।कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूर्ति नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण स्क्रीनिंग और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करना है।

एनीमिया से प्रभावित बालिकाओं एवं महिलाओं के कारणों की पहचान कर उन्हें समय पर रेफरल एवं उचित उपचार उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बालिका ही आगे चलकर स्वस्थ माता बनती है और स्वस्थ शिशु को जन्म देती है, जो भविष्य में एक स्वस्थ नागरिक बनता है। देश के विकास के लिए स्वस्थ नागरिकों का होना अत्यंत आवश्यक है।

इसलिए मिशन रानी को मिशन मोड में संचालित करते हुए एनीमिया को जड़ से समाप्त करने के लिए सभी विभागों को समन्वित प्रयास करने होंगे।उन्होंने अभियान के तहत व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि लोगों को एनीमिया के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाए तथा मिशन रानी के महत्व की जानकारी दी जाए, ताकि अधिक से अधिक किशोरी बालिकाएं एवं महिलाएं आगे आकर स्वास्थ्य जांच करवा सकें।

कलेक्टर डॉ सोनवणे ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज हुरमाड़े को निर्देशित किया कि आरबीएसके, जनजातीय कार्य विभाग, शिक्षा विभाग तथा जिला शिक्षा केंद्र के ब्लॉक स्रोत समन्वयकों को शामिल करते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मिशन रानी की नोडल अधिकारी डॉ. अंकिता सीते ने स्क्रीनिंग, एनीमिया के वास्तविक कारणों की पहचान, रेफरल, उपचार, जागरूकता गतिविधियों तथा गूगल फॉर्म में डेटा एंट्री की प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण में बीएमओ, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, महिला एवं बाल विकास विभाग के सीडीपीओ, सुपरवाइजर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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