बिहार सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि, किताबों,यूनिफॉर्म के जबरन विक्रय और अनावश्यक शुल्कों पर रोक लगाने के लिए कड़ा निर्देश जारी किया है।
स्कूलों को अपनी फीस संरचना सार्वजनिक करनी होगी और फीस बकाया होने पर भी परीक्षा या परिणाम से वंचित नहीं किया जाएगा,नियमों के उल्लंघन पर मान्यता रद्द करने व भारी जुर्माने की कार्रवाई होगी।स्कूलों को अपनी फीस और सभी शुल्कों की जानकारी वेबसाइट या नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करनी अनिवार्य है।
मनमाने तरीके से फीस बढ़ाना प्रतिबंधित है,जिसके लिए नियमित निरीक्षण और ऑडिट किए जाएंगे।यदि छात्र की फीस बकाया है, तो भी उसे परीक्षा देने या परिणाम प्राप्त करने से नहीं रोका जा सकता है।किताबें,यूनिफॉर्म की स्वतंत्रता पर स्वतंत्रता मिलेगी।स्कूल अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या प्रकाशक से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते।
नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर भारी जुर्माना (1-2 लाख रुपये तक) लगाया जा सकता है और बार-बार उल्लंघन करने पर मान्यता रद्द की जा सकती है।शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए 25% सीटों के आरक्षण को सख्ती से लागू किया जा रहा है।







No comments yet. Be the first to comment!