बिहार:सीएम सम्राट चौधरी एक्शन मोड में:श्रावणी मेला और बाढ़-सुखाड़ पर बैठक

By Gaurav Kabir

Published on: अभी-अभी

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को ‘संवाद’ सभागार में दो अहम समीक्षा बैठकें कीं। पहली बैठक श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों और दूसरी संभावित बाढ़-सुखाड़ से निपटने की पूर्व तैयारियों पर हुई। VC से सभी

पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को ‘संवाद’ सभागार में दो अहम समीक्षा बैठकें कीं। पहली बैठक श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों और दूसरी संभावित बाढ़-सुखाड़ से निपटने की पूर्व तैयारियों पर हुई। VC से सभी जिलों के DM-SSP/SP जुड़े।

श्रावणी मेला-2026: कांवरियों को नहीं होगी कोई परेशानी

CM के निर्देश:

  1. कांवरिया पथ पर सुविधा: सभी DM-SP श्रावणी मेला की तैयारी का विस्तृत प्रतिवेदन बनाएं। पैदल पथ व्यवस्थित हो। प्रमुख विश्राम स्थलों पर स्वास्थ्य सुविधा, शौचालय, साफ-सफाई और पेयजल की बेहतर व्यवस्था रहे।
  2. इमरजेंसी इलाज: कांवरिया स्थलों पर आपात चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो ताकि तुरंत इलाज मिले।
  3. भीड़ और बिजली: शिवालयों में जल चढ़ाने के दौरान भीड़ नियंत्रित रखें। श्रद्धालुओं की सुरक्षा का ध्यान रखें। कहीं भी बिजली का नंगा तार न रहे, निर्बाध आपूर्ति हो।

14 विभागों ने दिया प्रेजेंटेशन: राजस्व सचिव जय सिंह ने सुरक्षा, पेयजल, शौचालय, CCTV, अग्निशमन आदि की जानकारी दी। पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, नगर विकास, स्वास्थ्य, ऊर्जा, जल संसाधन, पर्यटन समेत सभी विभागों के सचिवों ने तैयारियां बताईं। ADG लॉ एंड ऑर्डर सुधांशु कुमार ने सुरक्षा प्लान रखा।

बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेन्द्र प्रसाद यादव, 6 मंत्री, मुख्य सचिव दीपक कुमार, DGP विनय कुमार समेत वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

बाढ़-सुखाड़ की तैयारी: 31 मई तक पूरा करें तटबंध-सड़क कार्य

CM के निर्देश:

  1. अलर्ट मोड में रहें अधिकारी: बाढ़ और सुखाड़ दोनों की संभावनाओं को देखते हुए सभी विभाग और DM पूरी तरह अलर्ट रहें। आपदा को विपदा न बनने दें।
  2. 31 मई डेडलाइन: बाढ़ संभावित क्षेत्रों में तटबंधों और सड़कों का निर्माण 31 मई से पहले पूरा करें।
  3. मौसम का पूर्वानुमान: बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार जून-जुलाई में सामान्य से कम, अगस्त में सामान्य और सितंबर में कम बारिश होगी। दक्षिण बिहार में औसत से कम, उत्तर बिहार में सामान्य वर्षा की संभावना है।
  4. राहत की पूरी तैयारी: नाव, पॉलिथिन शीट, दवा, पशुचारा, बाढ़ आश्रय स्थल, सामुदायिक रसोई, ड्राई राशन पैकेट, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र तैयार रखें।
  5. प्रभारी मंत्री करें दौरा: जिले के प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव क्षेत्रों का भ्रमण कर समस्याओं का आकलन करें। भू-जलस्तर पर नजर रखें, शुद्ध पेयजल का इंतजाम हो।

CM ने कहा कि राज्य के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का है। इस वर्ष गर्मी ज्यादा है, इसे ध्यान में रखकर तैयारी करें। आपदा प्रबंधन विभाग सतत मॉनिटरिंग करे। अंतरविभागीय समन्वय से काम हो।

आपदा प्रबंधन प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल समेत 7 विभागों के सचिवों ने SOP के तहत की जा रही तैयारियों की जानकारी दी।

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