श्योपुर-कलेक्टर शिला दाहिमा Sheela Dahima IAS ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वर्षाजल का भूमि के संग्रहण करने के लिए अपने-अपने भवनों में रूट वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगायें। इसके साथ ही उन्होंने दाना अभियान के तहत बेजुबान पक्षियों के लिए सकोरे लगाये जाने की अपील भी की है।
उन्होंने कहा है कि रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम ऐसी पद्धति है, जिससे हम करोडो लीटर पानी को भू-जल के रूप में सहेज सकते है। उन्होंने बताया कि एक हजार स्क्वायर छत पर एक वर्षाकाल में 90 हजार लीटर पानी एकत्रित होकर व्यर्थ बह जाता है। इस पानी को हम रिचार्ज पिट के माध्यम से जमीन में उतार सकते है, इसमें मात्र 5 से 6 हजार रूपये का व्यय आता है। इसी प्रकार जिनके घरो में ट्यूबवैल है, वे अपने छत का पानी डाउन पाईप के माध्यम से बोर में डाल सकते है।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्षाकाल के दौरान केवल दो प्रतिशत पानी ही जमीन के अंदर जाता है, बाकि 98 प्रतिशत व्यर्थ बहकर समुद्र में चला जाता है। इसलिए वर्षा जल के संग्रहण के लिए हमें कार्य करने होंगे, इससे भू-जल स्तर में सुधार परिलक्षित होगा। उन्होंने बताया कि जिले के शासकीय भवनों में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाये जा रहे है, ऐसे में आमजन भी अपने-अपने मकानों में इस प्रकार के सिस्टम लगाकर भूजल वृद्धि की इस पहल के लिए अपनी भूमिका निभा सकते है।
इसी प्रकार उन्होंने आमजन से अपील की है कि गर्मियों को दृष्टिगत रखते हुए दाना पानी अभियान शुरू किया गया है तथा बडी संख्या में लोगों ने पक्षियों के लिए सकोरे लगाये है, उन्होंने कहा कि सभी लोग उक्त अभियान के तहत बेजुबान पक्षियों के लिए दाना और पानी हेतु अपने परिसरों में, सार्वजनिक स्थानों पर, उद्यान और अन्य खुली और छायादार जगह पर सकोरे लगाये।






No comments yet. Be the first to comment!