मध्य प्रदेश:मानवता और तत्परता की मिसाल पेश करने वाले इंदौर के श्री निलेश गौर को राज्य शासन की ‘राह-वीर योजना’ के तहत सम्मानित किया गया है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुँचाकर नया जीवन देने के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र और 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
जानकारी के अनुसार इंदौर, 26 मई इंदौर में एक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को समय पर अपस्ताल पहुँचाकर नया जीवन देने वाले निलेश गौर को राज्य शासन के राह-वीर अवार्ड से सम्मानित किया गया है।सम्मान स्वरूप उन्हें कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्हें पुरस्कार स्वरूप 25 हजार रूपये भी दिए गए हैं।यह अवार्ड आज उन्हें कलेक्टर कार्यालय में सौंपा गया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी प्रदीप शर्मा और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी भी उपस्थित थे।कलेक्टर शिवम वर्मा ने श्री निलेश गौर को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर कहा कि सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल पीड़ित को गोल्डन ऑवर में इलाज के लिए निकटतम अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाकर अनुकरणीय कार्य किया है।
एक राह-वीर के रुप में किए गए इस सराहनीय कार्य के लिए श्री निलेश की प्रशंसा करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के पुनीत कार्य करते रहेंगे।साथ ही उन्होंने कहा कि आपके उक्त सम्माननीय कार्य से अन्य नागरिक भी प्रेरित होंगे। कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय अप्रेजल कमेटी द्वारा अनुमोदन कर प्रस्ताव राज्य सड़क सुरक्षा समिति लीड एजेंसी को प्रेषित किए जाते हैं।
विगत 19 जून 2025 को इंदौर के कमलाकेशर नगर (कुशवाह नगर) निवासी नितेश पिता मधुकर इंदौर में रिक्शा पलटने से मुंह, हाथ एवं पैर में अधिक चोट लगने से घायल हुए। राह-वीर निलेश गौर ने अपने दायित्व एवं तत्परता से गोल्डन ऑवर में उक्त घायल को उपचार के लिए तत्काल अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया, जिससे घायल की जान बचाई जा सकी।
इंदौर के रामनगर निवासी निलेश गौर पिता श्री रामसिंह गौर (मोबाईल नंबर: 8085261329) को 25 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
यह राशि राह-वीर द्वारा किए गए कार्य के लिए सम्मान स्वरूप प्रदान की गई है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार की राह-वीर योजना-2025 के अनुसार सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल (पीड़ित) व्यक्ति की गोल्डन ऑवर में इलाज हेतु अस्पताल / ट्रॉमा सेंटर पहुँचा कर उसकी जान बचाने वाले राह-वीर को प्रोत्साहन स्वरूप अवॉर्ड एवं प्रशस्ति पत्र दिए जाने का प्रावधान है।







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