​श्रावणी मेला 2026: श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, CM सम्राट चौधरी ने दिए समयबद्ध तैयारी के निर्देश

By Gaurav Kabir

Published on: 13 घंटे पहले

​पटना/भागलपुर, 31 मई 2026: बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज भागलपुर समाहरणालय परिसर स्थित समीक्षा भवन में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों तथा अन्य महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की एक उच्च

पटना/भागलपुर, 31 मई 2026: बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज भागलपुर समाहरणालय परिसर स्थित समीक्षा भवन में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों तथा अन्य महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की एक उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई। बैठक में भागलपुर, मुंगेर और बांका के जिलाधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण (Presentation) के माध्यम से मेले की सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा खाका मुख्यमंत्री के सामने रखा।

​समीक्षा बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने भागलपुर जिले के लिए ₹203 करोड़ की लागत वाली 84 विकासात्मक योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 69 योजनाओं का उद्घाटन और 15 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

​श्रावणी मेला 2026 के लिए मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश

​मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि देश-विदेश से आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था व सुरक्षित वातावरण देना सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने निम्नलिखित निर्देश जारी किए:

  • धर्मशालाओं का चेन सिस्टम (PPP मोड): सुईया, कटोरिया और चानन सहित कांवरिया पथ पर बनी धर्मशालाओं को चेन सिस्टम बनाकर पर्यटन नीति से जोड़ा जाएगा और इन्हें PPP (Public-Private Partnership) मोड पर संचालित किया जाएगा ताकि ये सालभर चालू रहें।
  • सुरक्षा और पुलिस बल: सुल्तानगंज, तारापुर, बेलहर, सुईया, कटोरिया और चानन जैसे प्रमुख जाम वाले संवेदनशील स्थानों और गंगा घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती होगी।
  • बुनियादी सुविधाएं और समय सीमा: 15 जून 2026 तक सभी बंद पड़े चापाकालों को दुरुस्त करने और बिजली के जर्जर तारों को बदलने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय, चेंजिंग रूम और फूड क्वालिटी की रैंडम जांच के निर्देश दिए गए हैं।
  • नवाचार (Innovation-2026): इस बार मेले में श्रद्धालुओं के लिए स्विस कॉटेज व्यवस्था, कृष्णगढ़ चौक से मस्जिद की तरफ जाने वाली पोखर का जीर्णोद्धार व सौंदर्गीकरण, नए गेस्ट हाउस और म्यूजिकल फाउंटेन लगाने का प्रस्ताव है।
  • आपदा प्रबंधन: तूफान और वज्रपात को ध्यान में रखकर ही मेला क्षेत्र के स्ट्रक्चर बनाए जाएंगे और आपात स्थिति में माइकिंग से लोगों को अलर्ट किया जाएगा।

​विक्रमशिला सेतु: 30 जून तक परिचालन और टोल टैक्स पर रोक

​मुख्यमंत्री ने बैठक से पहले विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन एवं मरम्मती कार्य का स्थल निरीक्षण किया।

बड़ी घोषणा: पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 30 जून 2026 तक हर हाल में विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का परिचालन सुनिश्चित कर दिया जाएगा। जब तक आवागमन पूरी तरह सुचारू नहीं होता, तब तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से पार्किंग/टोल शुल्क की वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा, 30 नवंबर तक भारी वाहनों के परिचालन को भी सामान्य करने का लक्ष्य है।

​साथ ही, मुंगेर (साफियाबाद)-सुल्तानगंज-सबौर चार लेन गंगा पथ निर्माण की समीक्षा करते हुए उन्होंने जलजमाव की समस्या से निजात पाने के लिए एलिवेटेड पथ के निर्माण और डॉल्फिन क्षेत्र को ध्यान में रखकर त्वरित निर्णय लेने के निर्देश दिए।

​विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना में आएगी तेजी

​ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय की पुनर्स्थापना को लेकर मुख्यमंत्री ने भूमि अधिग्रहण के कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।

  • 15 जून से पहले भारत सरकार को इस संबंध में पत्र भेजकर सूचित किया जाएगा।
  • ​विश्वविद्यालय के अस्थायी संचालन के लिए बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर को चिन्हित किया गया है, जहाँ आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित की जा रही है।

​बैठक में उपस्थित मुख्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि

​इस महा-समीक्षा बैठक में पथ निर्माण मंत्री ई० कुमार शैलेंद्र, सांसद अजय कुमार मंडल, गिरधारी यादव, कई स्थानीय विधायक और विधान पार्षद उपस्थित थे। प्रशासनिक स्तर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार सहित भागलपुर, मुंगेर और बांका के जिलाधिकारी (DM) व पुलिस अधीक्षक (SP) मौजूद रहे। इसके अलावा पटना से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी जुड़े हुए थे।

💬 Comments
?

No comments yet. Be the first to comment!

खबरें और भी arrow-right Created with Sketch Beta.