मुख्य बिंदु (Highlights):
- बड़ी सौगात: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर को दी ₹203 करोड़ की 84 विकास योजनाओं की सौगात।
- विक्रमशिला सेतु अपडेट: 30 नवंबर 2026 से पहले पूरा होगा पुनर्स्थापन कार्य, आम जनता के लिए होगा उद्घाटन।
- श्रावणी मेला 2026: विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की तैयारियों की समीक्षा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता।
भागलपुर, 01 जून 2026: भागलपुर समाहरणालय परिसर स्थित समीक्षा भवन में आज माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों और जिले की विभिन्न महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भागलपुर वासियों को ₹203 करोड़ की लागत वाली 84 विकासात्मक योजनाओं की बड़ी सौगात दी, जिसमें 69 योजनाओं का उद्घाटन और 15 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
विक्रमशिला सेतु को लेकर मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने भागलपुर जिला अंतर्गत विक्रमशिला सेतु के पुनर्स्थापन एवं मरम्मती कार्य की गहन समीक्षा की। आम जनता को जाम और आवागमन की समस्या से निजात दिलाने के लिए उन्होंने बड़ा ऐलान किया:
- 30 नवंबर से पहले उद्घाटन: विक्रमशिला सेतु का पुनर्स्थापन कार्य हर हाल में पूर्ण कर 30 नवंबर 2026 से पहले इसका उद्घाटन कर दिया जाएगा।
- टोल टैक्स पर पूरी तरह रोक: जब तक विक्रमशिला सेतु पर आवागमन पूरी तरह सुचारू और सामान्य नहीं हो जाता, तब तक निजी दोपहिया (Two-Wheelers) और चार पहिया (Four-Wheelers) वाहनों से किसी भी प्रकार की पार्किंग या टोल शुल्क की वसूली पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
- मुफ्त नाव सेवा: पुल के काम के दौरान आम जनता की सुविधा के लिए चलाई जा रही नाव सेवा पर भी लोगों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, यह पूरी तरह फ्री रहेगी।
श्रावणी मेला 2026: सुरक्षा और सुलभता सर्वोच्च प्राथमिकता
आगामी विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों और कांवरियों को बेहतर व्यवस्था एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
सीएम का निर्देश: “अधिकारी हर छोटे-बड़े पहलू को ध्यान में रखते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से श्रावणी मेले की तैयारियां समय से पहले पूर्ण करें। श्रद्धालुओं को किसी भी स्तर पर कठिनाई नहीं होनी चाहिए।”
इस बैठक में जिले के तमाम आला अधिकारी, प्रशासनिक पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने समय सीमा के भीतर सभी विकास कार्यों को पूरा करने का टास्क सौंपा है।





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