देहरादून:
उत्तराखंड के विकास को रफ्तार देने और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सोमवार को सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रगति पोर्टल के माध्यम से राज्य की ₹6,940 करोड़ की 12 प्रमुख परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में परिवहन, ऊर्जा, लोक निर्माण (PWD), राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), सीमा सड़क संगठन (BRO) समेत कई महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों का जायजा लिया गया।
लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी, होगी सख्त कार्रवाई
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं में देरी होने पर संबंधित अफसरों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कार्यों में तेजी लाने के लिए सीएम धामी ने एक नया मॉनिटरिंग सिस्टम तय किया है:
- मुख्यमंत्री स्तर पर: हर महीने इन परियोजनाओं की खुद समीक्षा करेंगे।
- मुख्य सचिव स्तर पर: प्रत्येक 10 दिनों में प्रगति की निगरानी की जाएगी।
15 अक्टूबर 2026 तक का मिला अल्टीमेटम
सीएम धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विकास परियोजनाओं का 50 प्रतिशत तक कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें आगामी 15 अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए। इसके साथ ही भूमि हस्तांतरण, वन स्वीकृति (Forest Clearance), भूमि अधिग्रहण और क्षतिपूर्ति भुगतान जैसे प्रशासनिक कारणों से अटके मामलों को सभी विभाग आपस में समन्वय (Coordination) बनाकर तुरंत सुलझाएं।
”वर्ष 2047 तक प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में हम सभी का योगदान बेहद जरूरी है। प्रगति पोर्टल का उपयोग एक प्रभावी निगरानी तंत्र के रूप में किया जाए ताकि लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण हो सके।”
— श्री पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)
चारधाम और सीमांत क्षेत्रों के विकास पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक महत्व की सड़कें, बिजली व्यवस्था और परिवहन सुविधाएं राज्य के समग्र विकास और जनता की सहूलियत के लिए बेहद जरूरी हैं। इन परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने जिलाधिकारियों (DM) को भी जिला स्तर पर लंबित मामलों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करने के निर्देश दिए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर.के. सुधांशु, डॉ. आर.मीनाक्षी सुंदरम, सचिव श्री बृजेश कुमार संत, डॉ. पंकज पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भौतिक रूप से और सभी जिलों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।







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