ज्ञान भारतम् मिशन: औरंगाबाद में ऐतिहासिक धरोहरों का डिजिटाइजेशन तेज़, राज्य में मिला छठा स्थान

By Gaurav Kabir

Published on: अभी-अभी

​ जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा की उपस्थिति में हुई समीक्षा बैठक; अब तक 26 हजार से अधिक प्राचीन हस्तलिखित दस्तावेजों की हुई पहचान। ​औरंगाबाद (बिहार): भारत की समृद्ध और प्राचीन ज्ञान परंपरा को आने वाली

​ जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा की उपस्थिति में हुई समीक्षा बैठक; अब तक 26 हजार से अधिक प्राचीन हस्तलिखित दस्तावेजों की हुई पहचान।

औरंगाबाद (बिहार): भारत की समृद्ध और प्राचीन ज्ञान परंपरा को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित करने की दिशा में बिहार के औरंगाबाद जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। “ज्ञान भारतम् मिशन” के अंतर्गत जिले में 75 वर्ष या उससे अधिक पुराने दुर्लभ हस्तलिखित दस्तावेजों के संरक्षण और डिजिटाइजेशन (Digitization) कार्य में तेजी आ गई है।

​हाल ही में मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्य की प्रगति की समीक्षा की गई। इस बैठक में औरंगाबाद की जिला पदाधिकारी (DM) श्रीमती अभिलाषा शर्मा (IAS) भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

बिहार में छठे स्थान पर पहुंचा औरंगाबाद समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया कि औरंगाबाद जिले में अब तक लगभग 26,158 हस्तलिखित दस्तावेजों की पहचान की जा चुकी है। इस शानदार रिकॉर्ड के साथ औरंगाबाद जिला पूरे बिहार राज्य में छठे (6th) स्थान पर पहुंच गया है। प्रशासनिक स्तर पर की गई यह त्वरित कार्रवाई जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इन माध्यमों पर लिखे दस्तावेजों का हो रहा संरक्षण इस मिशन के तहत केवल कागजी दस्तावेज ही नहीं, बल्कि प्राचीन काल में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न पारंपरिक माध्यमों को भी डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जा रहा है। इनमें शामिल हैं:

  • कागज और कपड़ा भोजपत्र और ताड़पत्र धातु एवं अन्य पारंपरिक माध्यम प्रशासन की अपील: आपके पास भी है 75 वर्ष पुरानी पांडुलिपि? यदि आपके घर या संस्थान में 75 वर्ष या उससे अधिक पुराना कोई भी हस्तलिखित दस्तावेज, ग्रंथ या पांडुलिपि सुरक्षित है, तो आप उसे डिजिटल रूप में सुरक्षित कराने के लिए जिला प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।

संपर्क सूत्र: जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, औरंगाबाद (📞 7488153690)

💬 Comments
?

No comments yet. Be the first to comment!

खबरें और भी arrow-right Created with Sketch Beta.