- स्थान: सहरसा जिले का बिहरा थाना क्षेत्र (मोकना वार्ड संख्या-10)।
- घटना: मोबाइल चार्ज करते समय कटे हुए तार से करंट लगने के कारण 28 वर्षीय रीना देवी की मौत।
- परिवार पर असर: 6 और 4 साल के दो मासूम बच्चों के सिर से उठा मां का साया।
- पुलिस कार्रवाई: शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा गया।
सहरसा (Saharsa News): बिहार के सहरसा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जिले के बिहरा थाना क्षेत्र में मोबाइल चार्ज करने के दौरान करंट लगने से एक 28 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मंगलवार देर शाम घटी इस घटना के बाद से पूरे मोकना गांव में मातम पसरा हुआ है। बुधवार सुबह पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है। इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है और दो छोटे बच्चों को हमेशा के लिए अपनी मां से दूर कर दिया है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा? (Mobile Charging Accident)
मृतका की पहचान बिहरा थाना क्षेत्र के मोकना (वार्ड संख्या-10) निवासी लालो कुमार यादव की पत्नी रीना देवी (28 वर्ष) के रूप में हुई है। मृतका के देवर सचिन कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार की शाम वह किसी काम से बाजार गए हुए थे। तभी उन्हें फोन पर सूचना मिली कि उनकी भाभी रीना देवी घर के बिजली बोर्ड पर अपना मोबाइल चार्ज करने गई थीं।
बोर्ड के ठीक ऊपर एक बल्ब का होल्डर लटका हुआ था, जिसके तार कटे हुए थे। मोबाइल का चार्जर प्लग में लगाते समय गलती से उनका हाथ या शरीर का कोई हिस्सा उस कटे हुए तार के संपर्क में आ गया। तार से छूते ही उन्हें जोरदार करंट लगा और वह मौके पर ही बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई सांसें
हादसे के तुरंत बाद, बदहवास परिजन रीना देवी को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल लेकर भागे। लेकिन दुर्भाग्यवश, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी जान जा चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना तुरंत बिहरा थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
दो मासूमों का रो-रोकर बुरा हाल
रीना देवी के निधन से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वह अपने पीछे दो छोटे बेटों को छोड़ गई हैं, जिनमें 6 वर्षीय वृषभ और 4 वर्षीय रौनक शामिल हैं। इतनी कम उम्र में मां का साया सिर से उठ जाने के कारण दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव का हर वह शख्स जो इन बच्चों को देख रहा है, उसकी आंखें नम हो जा रही हैं।







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