न्यूज़ 96 इंडिया डेस्क रिपोर्ट: बिहार के गया स्थित खिजरसराय में विकास को एक नई रफ्तार मिली है। माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री श्री जीतन राम मांझी ने संयुक्त रूप से खिजरसराय में नए प्रौद्योगिकी केंद्र (Technology Center) का शिलान्यास और भूमि पूजन कर इसका भव्य शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में आधारभूत संरचना, रोजगार, खेल और सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने को लेकर राज्य सरकार ने कई ऐतिहासिक घोषणाएं की हैं।
आधारभूत संरचना और सड़क निर्माण को मिली हरी झंडी
टेक्नोलॉजी सेंटर के शुभारंभ के साथ ही क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए गयाजी-इस्लामपुर-खिजरसराय पथ के 20वें किलोमीटर से लेकर देवगांव टेक्नोलॉजी सेंटर तक सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का भी शिलान्यास किया गया। इससे स्थानीय लोगों के लिए आवागमन सुगम होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
एमएसएमई सेक्टर में बंपर उछाल और 1.87 करोड़ लोगों को रोजगार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने बिहार में रोजगार और उद्योगों की स्थिति पर उत्साहजनक आंकड़े पेश किए:
- उद्यमों में वृद्धि: वर्ष 2022 में बिहार में एमएसएमई की संख्या मात्र 6 लाख थी, जो अब बढ़कर 46 लाख से अधिक हो गई है।
- रोजगार के अवसर: इन उद्योगों के माध्यम से राज्य के 1 करोड़ 87 लाख लोगों को सीधा रोजगार प्राप्त हो रहा है, जो बिहार के आर्थिक विकास का एक मजबूत संकेत है।
सामाजिक पेंशनधारियों के लिए बड़ी राहत
मुख्यमंत्री ने कल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी दी। अब राज्य के सभी सामाजिक पेंशनधारियों को उनकी पेंशन की राशि हर महीने की 10 तारीख को सीधे उनके बैंक खाते (DBT) में भेज दी जाएगी।
खिजरसराय में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम
युवाओं और खेल प्रेमियों को बड़ा तोहफा देते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि खिजरसराय में एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का खेल स्टेडियम बनाया जाएगा। इस वृहत परियोजना के लिए बिहार सरकार 40 एकड़ जमीन उपलब्ध कराएगी, जिससे ग्रामीण और शहरी युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने का एक वैश्विक मंच मिलेगा।
फल्गू नदी को ‘माता सीता के श्राप’ से मिलेगी मुक्ति
सनातन आस्था और जल संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री ने एक संकल्प दोहराया। उन्होंने घोषणा की कि गयाजी की पवित्र फल्गू नदी को माता सीता के पौराणिक श्राप से मुक्त कराया जाएगा। इसमें वर्ष भर जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इंद्रपुरी जलाशय, सोन नदी और बाण सागर समझौते से प्राप्त पानी को हर हाल में फल्गू नदी तक लाया जाएगा, जिससे गया आने वाले तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी।






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