जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन की अध्यक्षता में सहयोग शिविर, प्रखंड सहयोग सह जनकल्याण शिविर, फार्मर रजिस्ट्री, ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन तथा राजस्व महाभियान की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला एवं प्रखंड स्तर के सभी संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। जिलाधिकारी ने विभिन्न योजनाओं एवं अभियानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि आम जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल आवेदन निपटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लाभार्थियों की समस्याओं का वास्तविक समाधान होना चाहिए।
बैठक में सहयोग शिविरों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 17 जून को आयोजित शिविरों में कुल 3502 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 2658 मामलों का निष्पादन किया गया, जबकि 314 आवेदन आवश्यक दस्तावेजों अथवा नियमानुसार स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं रहने के कारण अस्वीकृत किए गए।
प्रखंडवार समीक्षा में पाया गया कि औराई प्रखंड में प्राप्त 122 आवेदनों में से 101 का निष्पादन किया गया। बंदरा में 98 में से 94, बरूराज में 419 में से 334, बोचहा में 270 में से 181, मुरौल में 81 में से 72, गायघाट में 84 में से 53, कांटी में 173 में से 122, कटरा में 76 में से 49, कुढ़नी में 296 में से 68, मरवां में 110 में से 100, मीनापुर में 221 में से 176, मुसहरी में 690 में से 594, पारू में 168 में से 147, साहेबगंज में 119 में से 94, सकरा में 208 में से 175 तथा सरैया में 367 में से 298 आवेदनों का निष्पादन किया गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक आवेदन पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे इन शिविरों की सफलता अधिकारियों की कार्यकुशलता और संवेदनशीलता पर निर्भर करती है।
बैठक में प्रखंड स्तर पर आयोजित तीन दिवसीय सहयोग सह जनकल्याण शिविर की भी समीक्षा की गई। शिविर के दूसरे दिन 17 जून को सभी प्रखंडों में आम नागरिकों की भारी भागीदारी देखने को मिली। जिले के विभिन्न प्रखंडों में कुल 3416 लाभार्थियों ने शिविर में भाग लिया तथा 1745 आवेदन प्राप्त हुए।
प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार औराई में 350 लाभार्थियों की उपस्थिति के साथ 208 आवेदन प्राप्त हुए। मुसहरी में 475 लाभार्थी उपस्थित हुए तथा 241 आवेदन प्राप्त हुए। सरैया में 289 लाभार्थियों ने भाग लिया और 198 आवेदन प्राप्त हुए। साहेबगंज में 155 लाभार्थियों की उपस्थिति के साथ 109 आवेदन प्राप्त हुए। पारू में 185 लाभार्थी उपस्थित हुए तथा 88 आवेदन मिले। मोतीपुर में 250 लाभार्थियों से 203 आवेदन प्राप्त हुए। मीनापुर में 321 लाभार्थियों ने भाग लिया तथा 229 आवेदन प्राप्त हुए। गायघाट में 238 लाभार्थियों से 184 आवेदन मिले। बोचहा में 239 लाभार्थियों ने 195 आवेदन दिए। मरवां में 130 लाभार्थियों से 44 आवेदन प्राप्त हुए। कुढ़नी में 294 लाभार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई तथा 75 आवेदन प्राप्त हुए। कटरा में 356 लाभार्थियों ने भाग लिया और 94 आवेदन दिए। कांटी में 300 लाभार्थियों से 167 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि बंदरा में 106 लाभार्थियों की उपस्थिति के साथ 31 आवेदन प्राप्त हुए। 16 जून को प्रखंडों में आयोजित शिविर मे 1524 लाभार्थी शामिल हुए तथा 954 आवेदन प्राप्त हुआ।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिविरों में लोगों की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि सरकार की योजनाओं एवं सेवाओं के प्रति जनता का विश्वास बढ़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आवेदन निष्पादन की गुणवत्ता की विशेष समीक्षा की। उन्होंने बताया कि निष्पादित आवेदनों की गुणवत्ता की जांच तथा लाभार्थियों की समस्याओं के वास्तविक समाधान को सुनिश्चित करने के लिए उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की गई है। यह समिति निष्पादित मामलों का सूक्ष्म परीक्षण कर रही है।
उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल लक्ष्य पूरा करने के लिए आवेदन बंद न करें, बल्कि यह सुनिश्चित करें कि लाभार्थियों को वास्तविक राहत मिले। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को “क्वालिटी डिस्पोजल” पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
फार्मर रजिस्ट्री की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में अब तक कुल 2 लाख 97 हजार 131 किसानों का निबंधन किया जा चुका है। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 1 लाख 44 हजार 932 किसान शामिल हैं। समीक्षा में यह भी सामने आया कि पिछले एक माह के दौरान 24 हजार 396 किसानों का नया निबंधन किया गया है, जबकि केवल 17 जून को ही 1429 किसानों का पंजीकरण हुआ।
जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता राजस्व एवं जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि वे सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शत-प्रतिशत किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करें, ताकि पात्र किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ मिल सके।
राजस्व महाभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में कुल 1 लाख 22 हजार 945 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों की स्कैनिंग, पोर्टल पर अपलोडिंग, अप्लाय एवं निष्पादन का कार्य सभी अंचलों में विशेष अभियान के तहत जारी है। समीक्षा में पाया गया कि अब केवल लगभग 10 हजार आवेदन स्कैनिंग के लिए शेष हैं।
जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता राजस्व को निर्देश दिया कि सभी अंचलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर मिशन मोड में शेष कार्यों को जल्द पूरा कराया जाए। साथ ही भूमि सुधार उपसमाहर्ता पूर्वी एवं पश्चिमी को अपने-अपने क्षेत्रों के अंचलाधिकारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा करने और प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
ऑनलाइन म्यूटेशन की समीक्षा में बताया गया कि पिछले एक माह के दौरान म्यूटेशन के 18 हजार 19 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 8 हजार 4 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है। वहीं पिछले एक सप्ताह में 7 हजार 171 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 4 हजार 298 मामलों का निष्पादन कर दिया गया है।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने सभी अंचलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनता की जमीन से जुड़ी समस्याओं के समाधान में पूरी जवाबदेही, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही, शिथिलता अथवा अनावश्यक विलंब बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम लोगों को त्वरित एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराना है और इसमें किसी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।






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