भागलपुर, 18 जून 2026. आगामी राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान (एनआईडी) को सफलतापूर्वक संचालित करने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) की बैठक सिविल सर्जन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अभियान की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा सभी संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, डीसीएम, डीएमई, वीसीसीएम-यूएनडीपी, जेएसआई जिला समन्वयक सहित जिले के सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम, बीसीएम एवं बीएमई उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन ने बताया कि 28 जून से 4 जुलाई 2026 तक चलने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान जिले के 6 लाख 74 हजार 744 पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए यह सुनिश्चित किया जाए कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। इसके लिए सभी प्रखंडों को माइक्रोप्लान की गहन समीक्षा, टीकाकरण बूथों की समुचित व्यवस्था तथा घर-घर भ्रमण गतिविधियों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
सिविल सर्जन ने विशेष रूप से प्रवासी परिवारों के बच्चों, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों तथा शहरी मलिन बस्तियों में रहने वाले बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में विशेष रणनीति के तहत कार्य कर शत-प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाए।
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी टीमों का प्रशिक्षण, वैक्सीन एवं लॉजिस्टिक्स की उपलब्धता, कोल्ड चेन प्रबंधन तथा पर्यवेक्षण व्यवस्था समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर ली जाए। उन्होंने जन-जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि व्यापक जन सहयोग से ही अभियान के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सर्विलांस मेडिकल ऑफिसर ने कहा कि भारत की पोलियो मुक्त स्थिति को बनाए रखने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले अभियान संचालन की आवश्यकता है। उन्होंने उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान, प्रभावी माइक्रोप्लानिंग तथा घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने की गतिविधियों को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। साथ ही तीव्र पक्षाघात (एएफपी) निगरानी प्रणाली को और सुदृढ़ बनाने तथा संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने पर बल दिया।
बैठक के दौरान वैक्सीन की उपलब्धता, कोल्ड चेन प्रबंधन, टीम गठन, जन-जागरूकता कार्यक्रमों, निगरानी तंत्र एवं अभियान संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
अंत में सभी प्रखंडों को अभियान प्रारंभ होने से पूर्व शत-प्रतिशत तैयारियां सुनिश्चित करने तथा अभियान को सफल बनाने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया गया।
Dr Nawal Kishor
District Administration Patna
DM Darbhanga
District Administration, Madhubani
Madhepura District Administration
JEEVIKA Bihar
Bhagalpur Police
DM & Collector, Banka






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