पटना (Bihar News): भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत पटना के विशेष निगरानी न्यायालय (Special Vigilance Court Patna) ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने हाजीपुर नगर थाना की तत्कालीन दारोगा (Sub-Inspector) पूनम कुमारी को रिश्वतखोरी के आरोप में दोषी करार देते हुए 3 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह विशेष निगरानी इकाई (SVU) के इतिहास में किसी मामले में हुई पहली सजा है।
विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने विशेष वाद (17/2024) में 14 गवाहों और पुख्ता सबूतों के आधार पर यह अहम फैसला सुनाया।
क्या है पूरा मामला? (Hajipur Daroga Bribery Case)
यह मामला वैशाली जिले के हाजीपुर नगर थाने से जुड़ा है। आरोप के मुताबिक, वैशाली में तैनाती के दौरान दारोगा पूनम कुमारी ने ‘नितेश बस सर्विस’ के प्रबंधक पंकज कुमार द्विवेदी से उनकी जब्त की गई बस (रजिस्ट्रेशन नंबर: BR-31P-5778) को मुक्त कराने के नाम पर घूस की मांग की थी।
दारोगा ने बस छोड़ने के लिए डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (DTO) को अनुकूल अनुशंसा (Favorable recommendation) भेजने के एवज में पंकज कुमार द्विवेदी से 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। परेशान होकर प्रबंधक ने इसकी शिकायत सीधे विशेष निगरानी इकाई (SVU) से कर दी।
सरकारी आवास पर बिछाया गया जाल (SVU Trap in Bihar)
शिकायत के सत्यापन के बाद, एसवीयू (SVU) की टीम ने कार्रवाई करते हुए 14 नवंबर 2024 को एक ट्रैप (जाल) बिछाया। योजना के तहत जैसे ही दारोगा पूनम कुमारी ने अपने हाजीपुर स्थित सरकारी आवास पर 10 हजार रुपये की रिश्वत ली, एसवीयू की टीम ने उन्हें रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद से ही आरोपी दारोगा जेल में बंद थीं।
अदालत में पेश हुए 14 गवाह
इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक विजय भानु ने सरकार की तरफ से जोरदार पैरवी की। कोर्ट के समक्ष 14 गवाहों की गवाही कराई गई और ठोस वैज्ञानिक व दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए। पुख्ता सबूतों को देखते हुए विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने पूनम कुमारी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाया और सजा का ऐलान किया।







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