श्योपुर- कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने जिले के लोगों से अपील की है कि वर्षाकाल के दौरान मानसूनी मौसम में सर्पदंश की घटनाओं के प्रति सर्तक एवं सजग रहें।
स्नैक बाइट के मामले में पीडित को तुरंत उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र ले जायें। उन्होने कहा कि बारिश के दौरान सर्पदंश की घटनाएं सामने आती है, इस मामले में लोगों को सर्तक रहना चाहिए। उन्होने कहा कि बाहर निकलते समय जूते पहनकर निकले तथा रात्रि के समय टार्च का इस्तेमाल करें, ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाओ को रोकने के लिए सर्तकता बरती जायें।
खेतो पर जाते समय रास्ते में देखकर चले तथा जल भराव वाले क्षेत्र में न जायें। घरो के अंदर पर्याप्त रोशनी रखी जायें तथा नियमित रूप से साफ-सफाई की जायें। इस मौसम में जमीन पर सोने से बचें, सोने के लिए पंलग, खाट अथवा तख्त का इस्तेमाल करें। घर के आसपास झाडिया, घास आदि की साफ-सफाई रखी जायें। सर्पदंश से बचने के लिए बारिश के मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर जब सांपों के निकलने की संभावना बढ़ जाती है।
घर के प्रवेश द्वारों, जैसे कि किचन और बाथरूम में विशेष ध्यान देना चाहिए, और उन्हें बंद रखना चाहिए। ज़मीन पर सोने से बचना चाहिए और यदि ज़मीन पर सोना ही पड़े, तो अच्छी तरह से जाँच कर लेनी चाहिए। जब आप बाहर हों, तो घास या झाड़ियों में न चलें, और यदि चलना ही पड़े, तो सावधानी से चलें। जब आप बाहर हों, तो पूरे बाजू के कपड़े और जूते पहनें। टॉर्च का उपयोग करें।
उन्होने कहा कि दुर्घटनावश सांप के काट ले तो, सबसे पहले 108 नंबर पर कॉल करके तुरंत चिकित्सा सहायता लें तथा तत्काल उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर लेकर जायें, पीड़ित को शांत रखें, उसे हिलने-डुलने न दें, और सांप के काटने के स्थान को हृदय के स्तर से नीचे रखें। काटने के स्थान को साबुन और पानी से धो लें और एक साफ, सूखी पट्टी से ढक दें। शांत रहने से जहर के फैलने की गति धीमी हो सकती है।
पीड़ित को स्थिर रखें, उसे हिलने-डुलने न दें। जितना कम वह चलेगा, जहर उतना ही कम फैलेगा। काटने के स्थान को हृदय के स्तर से नीचे रखें, यदि हाथ या पैर में काटा है, तो उसे शरीर के बाकी हिस्सों से नीचे रखें। काटने के स्थान को साफ करें, घाव को साबुन और पानी से धो लें। पट्टी बांधें, घाव को एक साफ, सूखी पट्टी से ढक दें। पट्टी को कसकर न बांधें, इससे रक्त का प्रवाह बाधित हो सकता है।
कटोरे या चीरा न लगाएं, इससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। मुंह से जहर चूसने की कोशिश न करें, यह खतरनाक हो सकता है। पीड़ित को कुछ भी खाने या पीने को न दें, इससे उल्टी हो सकती है और जहर फैल सकता है। ओझा या झाड़-फूंक करने वाले के पास न जाएं, यह समय बर्बाद करने और स्थिति को और खराब करने जैसा है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सांप के काटने के बाद जितनी जल्दी चिकित्सा सहायता मिलेगी, उतनी ही बेहतर रिकवरी की संभावना होगी।
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