बिहार, शेखपुरा : मॉनसून से पहले संभावित बाढ़ और जलजमाव से निपटने की तैयारियों को लेकर बुधवार को समाहरणालय के मंथन सभागार में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।
बैठक में लापरवाही पर DM ने सख्त रुख अपनाते हुए दो कार्यपालक अभियंताओं से स्पष्टीकरण तलब किया। बैठक के दौरान लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग PHED की कार्यप्रणाली पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई। कार्यपालक अभियंता PHED द्वारा गलत रिपोर्ट पेश करने पर उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया।
डीएम ने जिले के पुराने और नए चापाकलों की वास्तविक रिपोर्ट तुरंत सौंपने और लंबित चापाकल निर्माण कार्य जल्द पूरा करने को कहा। पेयजल संकट से निपटने के लिए 27 मरम्मत गैंग को एक्टिव करने का आदेश भी दिया गया।
बैठक से गायब रहे बिजली विभाग के इंजीनियर आपदा जैसी संवेदनशील बैठक से अनुपस्थित रहने पर कार्यपालक अभियंता विद्युत से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम ने मॉनसून में हादसे रोकने के लिए बिजली के तारों पर लटकी पेड़ों की टहनियों की तुरंत छंटाई कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
डीएम के अहम निर्देश:
1. राहत तैयारी: बाढ़ राहत सामग्रियों की दरें पहले से तय हों। पॉलिथीन शीट का पर्याप्त स्टॉक रखें।
2. नाव पंजीकरण: जिले की सभी नावों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराया जाए।
3. कम्युनिटी किचन व दवा: प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत पर तुरंत सामुदायिक किचन शुरू हो। पर्याप्त दवा का स्टॉक रखें।
4. पशु सुरक्षा: पशुओं के लिए नाद और चारे की समुचित व्यवस्था की जाए।
5. कस्तूरबा स्कूल: सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में लू से बचाव के इंतजाम की रिपोर्ट 3 दिन में दें।
6. अग्निशमन: जिला अग्निशमन पदाधिकारी बैनर-पोस्टर और नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में आग से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करें।
DM ने सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रहने को कहा। बैठक में अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, DTO, DEO समेत सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी और नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी मौजूद थे।







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