बिहार सरकार का बड़ा तोहफा: स्टार क्रिकेटर मुकेश कुमार और आकाश दीप बनेंगे DSP
पटना (19 जून 2026): बिहार सरकार ने राज्य के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार और आकाश दीप को बिहार सरकार ने सीधे पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर नियुक्त करने की आधिकारिक अनुशंसा कर दी है। यह नियुक्ति ‘बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति (संशोधन) नियमावली, 2026’ के तहत गृह विभाग द्वारा की गई है।
नियुक्ति का मुख्य आधार (उपलब्धियां)
सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव सिद्धेश्वर चौधरी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, इन दोनों खिलाड़ियों को उनके अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन के आधार पर यह सम्मान दिया गया है:
- मुकेश कुमार: चीन के हांगझोऊ (Hangzhou) में आयोजित 19वें एशियन गेम्स (2022-23) में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य।
- आकाश दीप: 19वें एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य होने के साथ-साथ वर्ष 2025 में इंग्लैंड में आयोजित 5 मैचों की भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन।
खिलाड़ियों का विवरण और आवंटित पद
चयन समिति की अनुशंसा के बाद दोनों खिलाड़ियों को गृह विभाग, बिहार के अंतर्गत नियुक्त किया गया है।
| खिलाड़ी का नाम | खेल विधा | गृह जिला | शैक्षणिक योग्यता | आवंटित पद | वेतनस्तर |
|---|---|---|---|---|---|
| मुकेश कुमार | क्रिकेट | गोपालगंज (काकड़कुंड) | स्नातक | पुलिस उपाधीक्षक (DSP) | लेवल-9 (ग्रेड पे ₹5400) |
| आकाश दीप | क्रिकेट | रोहतास (बड्डी, सासाराम) |
नियुक्ति की मुख्य शर्तें एवं नियम
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस प्रतिष्ठित पद पर नियुक्ति के साथ कुछ अनिवार्य शर्तें भी लागू की गई हैं:
- 5 साल का बॉन्ड: खेल कोटा के अधीन नियुक्त इन दोनों उम्मीदवारों को नियुक्ति की तिथि से अगले 05 वर्षों तक सक्रिय खिलाड़ी के रूप में प्रतिस्पर्धाओं में शामिल होना होगा। इसके लिए उन्हें एक अनिवार्य बंधपत्र (Bond) भरना होगा।
- औपबंधिक नियुक्ति: चरित्र एवं पूर्ववृत्त (Background) सत्यापन प्रतिवेदन प्राप्त होने तक अगले छह माह के लिए यह नियुक्ति औपबंधिक (Provisional) रूप से की जाएगी।
- प्रमाण पत्रों की जाँच: बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा खेल प्रमाणपत्रों का सत्यापन कर लिया गया है। शैक्षणिक और अन्य प्रमाण पत्रों की जाँच संबंधित बोर्ड/संस्था से निर्धारित अवधि में कराई जाएगी। किसी भी प्रकार की गलत जानकारी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सेवा रद्द की जा सकती है।
बिहार सरकार का यह कदम राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। इससे यह स्पष्ट संदेश जाता है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों का भविष्य बिहार में पूरी तरह सुरक्षित और उज्ज्वल है।







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