सुपौल जिले के कुल 51 गैस एजेंसियों के पास लगभग 13838 गैस सिलेंडरों का भंडार मौजूद है, और 3836 LPG सिलेंडरों के आज प्राप्त होने की संभावना है। कल दिनांक 19.05.2026 को लगभग 4652 उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। अभी तक 18243 उपभोक्ता को बुकिंग की गैस आपूर्ति की जानी है। जिले में प्रतिदिन औसतन 5537 ग्राहंकों के मध्य घरेलु LPG सिलेंडरों का वितरण किया जा रहा है।
जिले के 51 गैस एजेंसियों में से 47 गैस एजेंसियों पर अभी LPG गैस सिलेंडर उपलब्ध है, शेष 04 दिशा इण्डेन ग्रामीण गैस वितरक, आस्था इण्डेन ग्रामीण गैस वितरक, इंजिनियर एच.पी. ग्रामीण गैस वितरक एवं मुस्कान एच.पी. ग्रामीण गैस वितरक पर शीघ्र ही गैस की आपूर्ति किये जाने की संभावना है। आज अभी तक कुल 51 LPG एजेन्सी में से 12 की जाँच की गई है। 15 अन्य होटलों / प्रतिष्ठानों पर LPG गैस सिलेण्डरों के प्रयोग की जाँच हेतु छापेमारी की गई है। जिले में LPG की उपलब्धता में लगातार सुधार हो रहा है।
उपभोक्तागण अपनी समस्या के समाधान हेतु गैस कंपनी के
Common Emergency Helpline Toll Free Number (24X7)-1906,
IOCL के Toll Free Number-1800-2333-555,
BPCL के Toll Free Number-1800-22 4344 एवं
HPCL के Toll Free Number-1800-2333-555 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
पेट्रोल पम्पों का औचक निरीक्षण हो रहा है। 1 पेट्रोल पम्पों की जाँच की गई है। तेल कम्पनियों से समन्वय स्थापित करके लगातार पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
समाहरणालय परिसर स्थित जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय, सुपौल में घरेलु LPG गैस सिलेंडरों के उठाव वितरण के निगरानी के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिसका दूरभाष संख्या 06473-224005 है। आज दिनांक 20.05.2026 को जिला नियंत्रण कक्ष में कोई शिकायतें / जानकारी हेतु कॉल प्राप्त नहीं हुई है।
अभी तक घरेलु गैस के वाणिज्यिक प्रयोग/ कालाबाजारी के आरोप में जिला अन्तर्गत तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चूकी है।
जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं। और अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है।
जिला प्रशासन, सुपौल सभी संस्थागत एवं कैटरिंग प्रतिष्ठानों तथा LPG एवं पेट्रोलियम का उपयोग करने वाले आम उपभोक्ताओं से अपील करता है कि ईंधन के वैकल्पिक साधनों के प्रयोग किया जाना वर्तमान समय की मांग है, जिसे बढ़ावा दिये जाने की आवश्यकता है। जिले में LPG एवं पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता है।







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