मध्य प्रदेश:विविधताओं से परिपूर्ण श्योपुर के विकास की असीम संभावनाएं-डीएम,श्योपुर जिला गठन के स्थापना दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

By Gaurav Kabir

Published on: अभी-अभी

श्योपुर- कलेक्टर शिला दाहिमा (Sheela Dahima IAS) ने कहा कि श्योपुर जिला विविधताओं से परिपूर्ण है, अपनी संस्कृति, प्रकृति से धन-धान्य इस जिले के विकास की संभावनाएं असीम है, वर्तमान में यह जिला प्रगति की

श्योपुर- कलेक्टर शिला दाहिमा (Sheela Dahima IAS) ने कहा कि श्योपुर जिला विविधताओं से परिपूर्ण है, अपनी संस्कृति, प्रकृति से धन-धान्य इस जिले के विकास की संभावनाएं असीम है, वर्तमान में यह जिला प्रगति की ओर उत्तरोत्तर कदम बढा रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ रहा है। चीता प्रोजेक्ट ने इस जिले को विश्वव्यापी पहचान दी है। 60 प्रतिशत वन संपदा से आच्छादित और राजस्थानी संस्कृति के साथ ही विजयपुर क्षेत्र में ब्रजभाषी लोक संस्कृति और कराहल की सहरिया संस्कृति इस जिले को विभिन्न आयाम प्रदान कर रही है। कूनों का नेसर्गिक सौन्दर्य प्रकृति प्रेमियों के लिए वरदान है। वे आज श्योपुर जिला गठन के 28वे स्थापना दिवस पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी।


पीएम एक्सीलेंस कॉलेज श्योपुर में आयोजित उक्त कार्यक्रम के दौरान अपर कलेक्टर श्री रूपेश उपाध्याय, एसडीएम श्री गगन सिंह मीणा, डिप्टी कलेक्टर श्री संजय जैन एवं श्री विजय शाक्य सहित मुख्य वक्ता के रूप में विभिन्न सामाजिक गतिविधियों एवं गौसेवा से जुडे तथा जिला बनाओं आंदोलन संघर्ष समिति के सदस्य रहें श्री कैलाश नारायण गुप्ता, पुरातत्वविद श्री कैलाश पाराशर उपस्थित रहें, इसके साथ ही प्राचार्य डॉ ओपी शर्मा, बीईओ श्रीमती मधु शर्मा भी उपस्थित थे।

कॉलेज के सेमीनार हॉल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा ने कहा कि श्योपुर एक प्राचीन नगर है, इस जिले में विभिन्न संस्कृतियों का मिलन है, जो अपने आप में संपूर्णता को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर इस जिले को प्रगति देने का कार्य करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने युवा शक्ति को आव्हान करते हुए कहा कि प्रकृति के संरक्षण की मुहिम में शामिल होकर अपना दायित्व निभायें, वर्तमान में वैश्विक स्तर पर भू-जलस्तर में गिरावट आ रही है, इसलिए प्राकृतिक संतुलन के लिए जल संरक्षण की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने अपील की कि विभागीय स्तर पर तो प्रयास किये ही जा रहे है, लेकिन समुदाय स्तर पर कार्य होने से हमें सफलता मिलेगी, इसलिए सभी नागरिक अपने भवनों और परिसरो में रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाकर वर्षा जल को भूमि में संग्रहित करने की पहल को आगे बढायें, इसमें खर्च भी काफी कम होता है। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने हमें सबकुछ दिया है, हमारा भी दायित्व है कि हम भी प्रकृति को कुछ न कुछ जरूर दें। उन्होंने यह भी कहा कि यह धरती मनुष्य के लिए ही नही है, यहां असंख्य जीव-जंतु और पशु-पक्षी भी है, उनकी देखभाल का जिम्मा भी मनुष्यों पर है, इसलिए ग्रीष्मकाल को दृष्टिगत रखते हुए पशुओं और पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करें। प्रशासन की ओर से दाना पानी अभियान चलाया गया है, जिसमें बेजुबान पक्षियों के लिए सकोरे लगाये जा रहे है, काफी लोगों ने सकोरे लगाने की पहल की है। परिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए सभी जीव-जंतुओं का संरक्षण आवश्यक है और यह हमारा मानवीय दायित्व भी है।

सोशल मीडिया गतंव्य नही, एक माध्यम है

कलेक्टर शीला दाहिमा ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म हमारी मंजिल नही और न ही गतंव्य है, यह केवल एक माध्यम है, इसका उपयोग अपनी ग्रोथ बढाने के लिए करें, अपने आप को अपडेट रखने के लिए करें और रचनात्मक कार्यो में उपयोगिता के लिए इसका उपयोग करें। अपने सकारात्मक और मानवीय पहलों को इसके माध्यम से प्रमोट करें, जिससे अन्य लोग भी प्रेरित हों और अनुसरण करते हुए जनकल्याण की भावना के साथ कार्य करें। सकारात्मक कार्यो के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए अपने अध्ययन अथवा जॉब क्षेत्र में आगे बढने के लिए कार्य किया जाये।

जिला बनाओं आंदोलन के सपने, अब हो रहे साकार-श्री गुप्ता

मुख्य वक्ता के रूप में कैलाश नारायण गुप्ता ने कहा कि 1972 से शुरू हुआ जिला बनाओं आंदोलन 25 मई 1998 को जिला बनने के साथ ही पूर्ण हुआ, उस दौर में जो सपने देखे गये थे, वो अब साकार हो रहे है। 1975 में जिला बनाओं आंदोलन के दौरान गोलीकांड में शहीद हुए स्व. श्री जुम्मा खान, स्व. श्री गप्पूलाल मंगल, स्व. श्री वजीर खान, स्व. श्री मुंशी मोहम्मद हुसैन को श्रंद्धाजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि आज जिला बनने के बाद मेडिकल कॉलेज के साथ ही ब्रॉडगेज रेलवे लाइन की सौगात मिली है, जो जिले के सतत् विकास की प्रक्रिया को आगे बढायेगी।

कृषि के क्षेत्र में हम धान और गेहूं उत्पादन में अग्रणी जिलों में शुमार है। सिंचाई के क्षेत्र में जिले को आत्मनिर्भरता मिली है, एनएच-552 सहित अन्य सडको के निर्माण से आवागमन सुगम हुआ है। जिले के बडौदा क्षेत्र में डीआरडीओ की स्थापना सामरिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण सफलता है।

1965 में चंबल संभाग के पहले महाविद्यालय के रूप में स्थापित श्योपुर कॉलेज आज अग्रणी महाविद्यालय के रूप में काम कर रहा है तथा पॉलीटेक्निक कॉलेज, आईटीआई कॉलेज, गर्ल्स कॉलेज, विधि महाविद्यालय की स्थापना के साथ ही विजयपुर, कराहल, बडौदा, ढोढर में महाविद्यालय संचालित है। जिला बनाओं आंदोलन की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वयं संघर्ष समिति में शामिल रहे और 8 दिन तक ग्वालियर जेल में अन्य सत्याग्रहियों के साथ रहें। इस अवसर पर उन्होंने जिला बनाओं आंदोलन में भागीदार रहें सभी सत्याग्रहियों के प्रति अपनी कृतज्ञता भी प्रकट की।

कभी काला पानी के रूप में थी पहचान, अब चीता प्रोजेक्ट से मिली वैश्विक पहचान

मुख्य वक्ता के रूप में श्री कैलाश पाराशर ने श्योपुर जिले की एतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह श्योपुर काफी प्राचीन नगर है और इसकी एक अलग ही एतिहासिक पृष्ठभूमि रही है। आजादी से पहले तक यह जिला था, मध्यप्रदेश के गठन के साथ ही मुरैना जिले में शामिल हुआ, सुदूरवर्ती इलाके में होने के कारण कभी इसे कालापानी के रूप में निरूपित किया जाता था, लेकिन आज चीता प्रोजेक्ट से श्योपुर जिले को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि जिला सभी क्षेत्रों में आगे बढ रहा है, अधोसंरचनात्मक विकास की गति तेज हुई है, आवागमन के साधन बढे है, जिले में बढते कृषि उत्पादन से आर्थिक संपन्नता आई है। वर्तमान में प्रशासन की पहल पर प्राचीन कुए एवं बावडियों का संरक्षण किया जा रहा है, श्योपुर जिला विकास के पथ पर अग्रसर हो रहा है।

इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री रूपेश उपाध्याय द्वारा श्योपुर जिले में किये जा रहे विकास कार्यो के संदर्भ में अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया। इसके पूर्व प्राचार्य डॉ ओपी शर्मा द्वारा स्वागत भाषण देते हुए श्योपुर जिले की परम्पराओं एवं संस्कृति के बारे में विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर डॉ सीमा चौकसे ने किया तथा आभार प्रदर्शन बीईओ श्रीमती मधु शर्मा ने व्यक्त किया।

विकास कार्यो से संबंधित प्रदर्शनी का अवलोकन

कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा द्वारा व्याख्यान माला से पूर्व श्योपुर कॉलेज में शिक्षा विभाग द्वारा जिले में हुए विकास कार्यो पर आधारित प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया गया तथा प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम की शुरूआत मॉ सरस्वती जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण के साथ हुई।

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