बिहार को बड़ी सौगात: सीएम सम्राट चौधरी ने भोजपुर में 31.21 करोड़ के ‘इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क’ का किया शिलान्यास

By Gaurav Kabir

Published on: अभी-अभी

​भोजपुर (Bhojpur News): बिहार में मछली पालन, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने आज भोजपुर जिले के उदवंतनगर

भोजपुर (Bhojpur News): बिहार में मछली पालन, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने आज भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड के नवादाबेन पंचायत स्थित वाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में एक भव्य ‘इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क’ (Integrated Aqua Park) का शिलान्यास किया। यह परियोजना राज्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और इको-टूरिज्म की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

प्रोजेक्ट की मुख्य बातें (Key Highlights):

  • कुल लागत: 31.21 करोड़ रुपये
  • कुल क्षेत्रफल: 32 एकड़
  • स्थान: वाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र, नवादाबेन पंचायत, उदवंतनगर प्रखंड (भोजपुर)
  • उद्देश्य: मत्स्य उत्पादन, इको-टूरिज्म (Eco-Tourism) का विकास और स्थानीय रोजगार सृजन।

मछली पालन के साथ इको-टूरिज्म का होगा विकास

​शिलान्यास के इस खास अवसर पर मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक एक्वा पार्क नहीं है, बल्कि बिहार के विकास का एक नया मॉडल है। उदवंतनगर के 32 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क में मछली पालन के साथ-साथ इको-टूरिज्म (Eco Tourism in Bihar) को भी बड़े स्तर पर विकसित किया जाएगा। इससे न केवल स्थानीय लोग बल्कि पर्यटक भी इस क्षेत्र की ओर आकर्षित होंगे।

रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा भारी बूम

​सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि इस इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क के निर्माण से राज्य में मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता (Fish Farming Productivity) में भारी वृद्धि होगी। इसके परिणामस्वरूप, स्थानीय स्तर पर युवाओं और किसानों के लिए रोजगार के नए अवसर (Employment Generation) पैदा होंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ और बढ़ावा मिलेगा।

मत्स्य विकास का आधुनिक मॉडल बनेगा ‘एक्वा पार्क’

​मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क पूरे राज्य के लिए ‘आधुनिक एवं समेकित मत्स्य विकास’ का एक मॉडल केंद्र (Model Center for Fisheries) बनेगा। इस पहल से न केवल बिहार के लोगों को पोषण सुरक्षा (Nutritional Security) मिलेगी, बल्कि इको-टूरिज्म के क्षेत्र में भी बिहार एक नई गति के साथ आगे बढ़ेगा।

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