विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद पूर्णियाँ संसद पप्पू यादव नवगछिया से भागलपुर तक नाव से यात्रा कर लोगों की समस्याओं का जायजा लेने पहुंचे।इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय लोगों ने वार्ता भी की।
पूर्णियां संसद पप्पू यादव ने कहा की यह सिर्फ एक पुल का टूटना नहीं, बल्कि एनडीए सरकार के तथाकथित विकास मॉडल और प्रशासनिक संवेदनहीनता की पोल खोलने वाली तस्वीर है।क्षेत्र के हजारों छात्र-छात्राओं को स्कूल और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।दूध बेचने वाले किसानों का दूध रास्ते में ही फट जा रहा है।गंभीर मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं और इलाज के अभाव में लोगों की जान जा रही है।व्यापारी, किसान, मजदूर और आम लोग सभी इस अव्यवस्था से त्रस्त हैं।
उन्होंने सवाल उठाते हुए सरकार को घेरते हुए कहा की बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधि चुप क्यों हैं। क्या बिहार सरकार के पास 50 नाव चलाने तक की व्यवस्था नहीं है।जिस निर्माण कंपनी के कार्यकाल में बार-बार पुल क्षतिग्रस्त हो रहा है, क्या उससे जवाबदेही तय कर जनता के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कराई जानी चाहिए थी।
जनता की पीड़ा को देखते हुए हमने तत्काल 5 नावों के संचालन का निर्णय लिया है, जो छात्रों, किसानों, मरीजों, गरीबों और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क यात्रा कराएंगी।यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी,जब तक विक्रमशिला सेतु पूरी तरह चालू नहीं हो जाता।जनता को उसके हाल पर छोड़ देना राजनीति नहीं, संवेदनहीनता है।
उन्होंने आगे कहा की वह आमजन की आवाज बनकर हर स्तर पर यह लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया की पुल की स्थिति सुदृढ़ होने तक वे लोगों की हर संभव मदद करेंगे।
इस दौरान क्षेत्र के युवा नेता दुर्गानंद उर्फ़ दुर्गा यादव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।







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