सीवान: बिहार के सीवान जिले में आयोजित ‘सहयोग शिविर’ में राज्य सरकार ने विकास और सुशासन की नई इबारत लिखी है। शिविर में जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई और जनसमूह को संबोधित करते हुए कई ऐतिहासिक घोषणाएं की गईं। इस मौके पर सीवान के विकास को नई गति देने के लिए ₹180 करोड़ की लागत वाली 38 योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।
समस्याओं का त्वरित समाधान: 90% आवेदनों का निपटारा
सहयोग शिविर में आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के सख्त निर्देश दिए गए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक प्राप्त 3.03 लाख आवेदनों में से 2.61 लाख आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है, जो लगभग 90 प्रतिशत की शानदार उपलब्धि को दर्शाता है।
गरीबों, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण पर जोर
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह गरीबों, दलितों, किसानों, युवाओं और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के दौरान भविष्य की कई बड़ी योजनाओं का खाका जनता के सामने रखा गया:
- 2030 तक रोजगार: बिहार में वर्ष 2030 तक 1 करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
- सीवान में चीनी मिल: स्थानीय किसानों और युवाओं की चिरप्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए सीवान में चीनी मिल की स्थापना की घोषणा की गई है।
- मुफ्त सोलर बिजली: राज्य के 25 लाख दलित परिवारों के घरों पर सोलर पैनल लगाकर उन्हें मुफ्त बिजली प्रदान की जाएगी।
- बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं: सीवान सहित पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर काम किया जाएगा।
समृद्ध बिहार का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में इस बात पर जोर दिया गया कि ‘विकसित भारत’ और ‘समृद्ध बिहार’ का संकल्प केवल सरकार के प्रयासों से नहीं, बल्कि सुशासन और जनभागीदारी के माध्यम से ही साकार किया जा सकता है। सीवान में आयोजित यह सहयोग शिविर इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है।






No comments yet. Be the first to comment!