समान नागरिक संहिता पर जनसामान्य के सुझावों के अनुसार किया जाएगा नीति निर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

By Gaurav Kabir

Published on: June 14, 2026

समान नागरिक संहिता पर जनसामान्य के सुझावों के अनुसार किया जाएगा नीति निर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेहतर नीति निर्माण के लिए बेहतर जनभागीदारी आवश्यक प्रदेशवासी, अधिक से अधिक संख्या में दें सुझाव शासकीय अधिकारी-कर्मचारी

समान नागरिक संहिता पर जनसामान्य के सुझावों के अनुसार किया जाएगा नीति निर्माण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

बेहतर नीति निर्माण के लिए बेहतर जनभागीदारी आवश्यक

प्रदेशवासी, अधिक से अधिक संख्या में दें सुझाव

शासकीय अधिकारी-कर्मचारी भी समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने सुझाव दें

समान नागरिक संहिता के बारे में 22 जून तक आमंत्रित हैं सुझाव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी के माध्यम से जिला कलेक्टर्स को किया संबोधित

कटनी – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समान नागरिक संहिता के संबंध में नीति निर्माण जनसामान्य के सुझावों के आधार पर किया जाएगा। बेहतर नीति निर्माण के लिए बेहतर जनभागीदारी आवश्यक है।

प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या सुझाव आमंत्रित करने के लिए सभी जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्राम स्तर तक नागरिकों को अपना अभिमत देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। नगरीय स्तर पर स्कूल-कॉलेजों में गतिविधियां संचालित करें, सामाजिक-व्यापारिक संस्थाओं, बार कॉउंसिल आदि में चर्चा के सत्र आयोजित कर जनसामान्य से अपनी राय प्रकट करने के लिए कहा जाए।

शासकीय अधिकारी-कर्मचारी भी समान नागरिक संहिता के संबंध में भी अपने सुझाव दें। ग्राम स्तर पर रोजगार सहायक, पंचायत सचिव आदि इस विषय पर चर्चा को प्रोत्साहित करें। इस संबंध में विशेष ग्राम सभा की बैठक भी आयोजित की जा सकती है। सभी जिला कलेक्टर इस गतिविधि को प्राथमिकता पर लें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश शनिवार को समान नागरिक संहिता जागरूकता अभियान पर जिला कलेक्टर्स की वीसी में दिए।इस दौरान कटनी के कलेक्‍ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष से प्रभारी कलेक्‍टर सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर और संयुक्‍त कलेक्‍टर श्री जितेन्‍द्र पटेल वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग से वर्चुअली जुड़े रहें।

वेबसाइट पर देना है सुझाव :

सरल है प्रक्रिया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता के बारे में 22 जून तक सुझाव आमंत्रित हैं।

इसके लिए विशेष रूप से वेबसाइट ucc.mp.gov.in

का विमोचन किया गया है, जिस पर सुझाव देने की प्रक्रिया बहुत सरल है। वेबसाइट के फॉर्म में केवल नाम, लिंग, धर्म, संभाग, जिला, पता और मोबाइल नंबर अंकित करना है। कुल 12 प्रश्नों का उत्तर हाँ या ना में दिया जाना है। मोबाइल ओटीपी से सत्यापित करने से सुझाव जमा हो जाता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संबंध में जिला स्तर पर संचालित गतिविधियों की जानकारी भी प्राप्त की।

जागरूकता बढ़ाना आवश्यक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिक संहिता के उद्देश्य और प्रक्रिया की जानकारी का विस्तार करने के लिए जनप्रतिनिधियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की जरूरत बताई।

उन्होंने स्व-सहायता समूहों, महिला मंडलों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में विभिन्न व्यक्तिगत तथा पारिवारिक विधियों के अंतर्गत विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार आदि विषयों से संबंधित पृथक-पृथक प्रावधानों का समग्र परीक्षण कर विधिक संरचना विकसित करने की आवश्यकता अनुभव की जा रही है।

इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए राज्य शासन द्वारा विषय के विधिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर समान नागरिक संहिता के संबंध में अनुशंसाओं को प्रस्तुत करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा जिलों का भ्रमण कर लोगों को अपने सुझाव प्रेषित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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