कृषि विभाग एवं कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), पूर्णिया के तत्वावधान में सोमवार को प्रेक्षा गृह, मरंगा पूर्णिया में एक दिवसीय जिलास्तरीय शारदीय (खरीफ) महाभियान-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन

By Gaurav Kabir

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कृषि विभाग एवं कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), पूर्णिया के तत्वावधान में सोमवार को प्रेक्षा गृह, मरंगा पूर्णिया में एक दिवसीय जिलास्तरीय शारदीय (खरीफ) महाभियान-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी,पूर्णिया

कृषि विभाग एवं कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), पूर्णिया के तत्वावधान में सोमवार को प्रेक्षा गृह, मरंगा पूर्णिया में एक दिवसीय जिलास्तरीय शारदीय (खरीफ) महाभियान-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी,पूर्णिया श्री अंशुल कुमार भा०प्र०से० द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि हितकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान कर उन्हें लाभान्वित करना और खरीफ मौसम में नवीन कृषि तकनीकों एवं नवाचारों को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार ने कहा कि किसानों का सर्वांगीण विकास कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव कृषि उत्पादन पर पड़ रहा है।

ऐसी परिस्थितियों में किसानों को फसल विविधीकरण अपनाने तथा वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।

उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग,भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रव्यापी “खेत बचाओ अभियान” का उल्लेख करते हुए किसानों से सॉइल हेल्थ कार्ड की अनुशंसा के अनुरूप उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि संतुलित उर्वरक उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति संरक्षित रहेगी तथा उत्पादन लागत में कमी आएगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

साथ ही उन्होंने त्रि-फसलीय खेती को बढ़ावा देने,फसल चक्र में दलहनी फसलों को शामिल करने तथा भूमि समतलीकरण अपनाने पर विशेष बल दिया।

जिला कृषि पदाधिकारी-सह-परियोजना निदेशक, आत्मा, पूर्णिया श्री हरिद्वार प्रसाद चौरसिया ने खरीफ मौसम में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने कृषि मैपर,प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS), फार्मर रजिस्ट्री,उन्नत बीज वितरण कार्यक्रम सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दिनांक 10 जून से 22 जून 2026 तक जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों में प्रखंड स्तरीय शारदीय (खरीफ) महाभियान का आयोजन किया जाएगा तथा 11 जून से 30 जून 2026 तक कृषि जनकल्याण चौपाल-सह-खेत बचाओ अभियान संचालित किया जाएगा।

उन्होंने खरीफ 2026 के लिए जिले में स्वीकृत विभिन्न योजनाओं एवं उनके लक्ष्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वीट कॉर्न बीज वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत 364 किलोग्राम तथा बेबी कॉर्न बीज वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत 769 किलोग्राम बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संकर धान कार्यक्रम के तहत 230 क्विंटल बीज वितरण एवं 125 एकड़ में प्रदर्शन तथा संकर मक्का कार्यक्रम के अंतर्गत 85 क्विंटल बीज वितरण एवं 100 एकड़ में प्रदर्शन का लक्ष्य रखा गया है।

इसके अतिरिक्त प्रमाणित बीज वितरण कार्यक्रम के तहत संकर धान के 38.04 क्विंटल, सरसों के 14.66 क्विंटल तथा मूंग के 50.38 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अत्याधुनिक प्रदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत संकर धान, सरसों एवं मूंग की फसलों के लिए 814-814 एकड़ क्षेत्र में प्रदर्शन का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के अंतर्गत 100 मीट्रिक टन क्षमता के 2 गोदाम तथा 200 मीट्रिक टन क्षमता के 7 गोदामों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित है।

साथ ही किसानों की कृषि उपज के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं भंडारण को प्रोत्साहित करने हेतु 13 पक्का थ्रेसिंग फ्लोर के निर्माण का भी लक्ष्य रखा गया है।

संयुक्त निदेशक (शस्य), पूर्णिया प्रमंडल, पूर्णिया श्री मनोज कुमार ने खरीफ मौसम में रासायनिक उर्वरकों के सुरक्षित एवं संतुलित उपयोग पर बल देते हुए प्राकृतिक एवं परंपरागत खेती को बढ़ावा देने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि विपणन पदाधिकारी, पूर्णिया श्री सुदामा ठाकुर ने कृषि विपणन निदेशालय द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित योजनाओं के साथ-साथ कृषि उपज के बेहतर विपणन हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

उप निदेशक, कृषि अभियंत्रण ने कृषि यंत्रीकरण से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं अनुदानित कृषि यंत्रों की विस्तृत जानकारी साझा की।

अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, पूर्णिया सदर श्रीमती बेबी कुमारी ने उन्नत बीज वितरण कार्यक्रम के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।

कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. के. एम. सिंह एवं अन्य विशेषज्ञों द्वारा खरीफ फसलों की उन्नत खेती, कीट एवं रोग प्रबंधन, जल संरक्षण तथा प्राकृतिक खेती से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

वहीं, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (DDM) द्वारा कृषकों के हित में संचालित विभिन्न वित्तीय एवं कृषि विकास योजनाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान जिला पदाधिकारी द्वारा जिले में संचालित फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS), नेचुरल फार्मिंग एवं बिहार कृषि एप कार्यक्रमों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषि कर्मियों एवं पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में सहायक निदेशक (रसायन), सहायक निदेशक शस्य प्रक्षेत्र, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार तथा विभिन्न प्रखंडों से आए कृषक बंधुओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित किसानों एवं कृषि कर्मियों द्वारा वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने तथा “खेत बचाओ अभियान” को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

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