सिवनी, मध्य प्रदेश:
विकासखंड सिवनी की ग्राम पंचायत अलोनिया कभी गंभीर पेयजल संकट (Drinking Water Crisis) से जूझने वाला गांव था। लगभग 647 की आबादी वाले इस गांव में लोगों को पानी के लिए दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। विशेषकर गर्मी के दिनों में स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाती थी, जिससे महिलाओं और बच्चों का काफी समय सिर्फ पानी लाने में ही बीत जाता था।
लेकिन अब, केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के अंतर्गत संचालित ‘बंडोल ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना’ ने इस गांव की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल दी हैं।
133 परिवारों को मिला नल कनेक्शन

योजना के तहत ग्राम अलोनिया में 133 परिवारों को फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) प्रदान किए गए हैं। गांव में स्थापित ओवरहेड टैंक (पानी की टंकी) और सुव्यवस्थित पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से अब प्रत्येक घर तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है। जल वितरण को व्यवस्थित बनाने के लिए 6 वाल्व और 8 वाल्व चैंबर बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से प्रतिदिन निर्धारित समय पर सभी मोहल्लों में जलापूर्ति की जाती है।
महिलाएं कर रही हैं जल गुणवत्ता की जांच
गांव में केवल पानी पहुंचाना ही नहीं, बल्कि उसकी शुद्धता सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता है। इसके लिए स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को जल गुणवत्ता परीक्षण (Water Quality Testing) का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये महिलाएं नियमित रूप से पानी की जांच कर ग्रामीणों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके अलावा, जल उपयोग की निगरानी के लिए वाटर मीटर भी लगाए गए हैं।
सामुदायिक सहभागिता और बेहतर प्रबंधन

योजना के सफल संचालन एवं रखरखाव के लिए गांव में विलेज वाटर एंड सैनिटेशन कमेटी (VWSC) का गठन किया गया है। यह समिति जल कर संग्रहण, संचालन और मेंटेनेंस का कार्य खुद संभाल रही है। ग्रामीणों की इस जनभागीदारी ने योजना को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाया है।
स्कूल और आंगनवाड़ी तक पहुंचा पानी
जल जीवन मिशन का सकारात्मक प्रभाव केवल घरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव के माध्यमिक विद्यालय और आंगनवाड़ी केंद्रों में भी अब पर्याप्त पानी उपलब्ध है। इससे बच्चों और महिलाओं का दैनिक जीवन अधिक सुविधाजनक बन गया है और उनके समय की बड़ी बचत हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है: “पहले पानी के लिए हर दिन संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन अब घर पर ही शुद्ध जल मिल रहा है। इससे न केवल हमारा श्रम और समय बचा है, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन स्तर में भी बड़ा सुधार आया है।”
ग्राम अलोनिया आज देश के लिए जल जीवन मिशन की सफलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। सामुदायिक सहभागिता, महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और प्रभावी प्रबंधन के माध्यम से इस गांव ने साबित कर दिया है कि जनभागीदारी से “हर घर जल” से “हर घर खुशहाल” का सपना साकार किया जा सकता है।






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