पूर्णिया जिले के बायसी में ECD प्रोग्राम के अंतर्गत दिव्यंगता स्क्रीनिंग अनुसूची (DSS) के ऊपर आंगनबाड़ी सेविकाओं को दो दिवसीय प्रशिक्षण

By Gaurav Kabir

Published on: 5 घंटे पहले

पूर्णिया जिले के बायसी में ECD (प्रारंभिक बाल विकास) प्रोग्राम के अंतर्गत दिव्यंगता स्क्रीनिंग अनुसूची (DSS) के ऊपर आंगनबाड़ी सेविकाओं को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। बच्चों में विकासात्मक विलंब एवं दिव्यांगता के प्रारंभिक लक्षणों

पूर्णिया जिले के बायसी में ECD (प्रारंभिक बाल विकास) प्रोग्राम के अंतर्गत दिव्यंगता स्क्रीनिंग अनुसूची (DSS) के ऊपर आंगनबाड़ी सेविकाओं को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।

बच्चों में विकासात्मक विलंब एवं दिव्यांगता के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान करते हुए बच्चों को समय पर उचित स्वास्थ्य टीम तक रेफर करना है।

नियमित होम विजिट एवं परिवारों के साथ संवाद के माध्यम से दिव्यांगता की प्रारंभिक पहचान को और अधिक प्रभावी बनाने की जानकारी दी गई।

जिले के बायसी प्रखंड स्थित उच्च विद्यालय बायसी में 20 और 21 मई को सुबह 09 बजे से शाम 04 बजे तक दिव्यंगता स्क्रीनिंग अनुसूची (DSS) के ऊपर आंगनबाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी सेविकाओं को बच्चों में विकासात्मक विलंब एवं दिव्यांगता के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान करने हेतु प्रशिक्षित करना था, ताकि ऐसे बच्चों को समय पर उचित स्वास्थ्य टीम तक रेफर किया जा सके और उन्हें उचित इलाज एवं आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।


प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को डीएसएस चेकलिस्ट के माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया, विकासात्मक संकेतों की पहचान, रेफरल प्रक्रिया एवं फॉलो-अप के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में आंगनबाड़ी सेविकाओं को यह भी बताया गया कि समय पर पहचान एवं उचित रेफरल से बच्चों के बेहतर विकास एवं उपचार की संभावना बढ़ जाती है।

नियमित होम विजिट एवं परिवारों के साथ संवाद के माध्यम से दिव्यांगता की प्रारंभिक पहचान को और अधिक प्रभावी बनाने की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में प्रशिक्षकों द्वारा रोल प्ले, समूह चर्चा एवं व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से सेविकाओं को स्क्रीनिंग प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी तरीके से समझाया गया। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि समुदाय स्तर पर नियमित होम विजिट एवं परिवारों के साथ संवाद के माध्यम से दिव्यांगता की प्रारंभिक पहचान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाएँ समुदाय में बच्चों की पहली पहचानकर्ता होती हैं तथा उनकी सक्रिय भूमिका से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा सकता है।


कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को अपने क्षेत्र में नियमित स्क्रीनिंग, समय पर रेफरल एवं बच्चों के निरंतर फॉलो-अप सुनिश्चित करने हेतु प्रेरित किया गया।

इस दौरान बायसी प्रखंड की आईसीडीएस सीडीपीओ जीनत यस्मिन, लेडी सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (AWW), आशा (ASHA), स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े अधिकारी, यूनिसेफ राज्य सलाहकार डॉ राघवेन्द्र कुमार, यूनिसेफ जिला पोषण सलाहकार निधि भारती, ईसीडी पूर्णिया टीम में शामिल नवल कुमार ( प्रखंड सलाहकार ईसीडी), अजय कुमार दास, अशोक कुमार यादव , सोमनाथ प्रमाणिक, बाल विकास तथा विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

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