भागलपुर, 28 मई 2026:
बिहार के भागलपुर जिले के कहलगांव क्षेत्र अंतर्गत सिया पंचायत स्थित बरैनी पोखर (जो मत्स्य विभाग की भूमि है) में अतिक्रमण हटाने और जल निकाय के पुनर्जीवन (Rejuvenation) कार्य के दौरान अचानक विधि-व्यवस्था बिगड़ने की गंभीर घटना सामने आई है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों और बिहार सरकार के सात निश्चय पार्ट-1 अभियान के तहत जल निकायों को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा प्रशासनिक टीम पर हिंसक हमला किया गया।
क्या है पूरा मामला?
मत्स्य विभाग द्वारा ग्राम पंचायत को एनओसी (NOC) मिलने के बाद प्रशासनिक मौजूदगी में पोखर के जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा था। मुखिया द्वारा जेसीबी (JCB) से मिट्टी खुदाई का काम कराया जा रहा था, तभी कुछ रसूखदार और प्रभावशाली व्यक्तियों के उकसावे पर भीड़ ने काम रोक दिया।
वीडियो फुटेज और प्रारंभिक जांच के अनुसार, एक प्रभावशाली व्यक्ति और उसके समर्थकों ने अवैध कब्जे की नीयत से पूर्व नियोजित तरीके से भीड़ को “मारो इसको” कहकर उकसाया। इसके बाद भीड़ उग्र हो गई और सरकारी कार्य में लगे जेसीबी चालक के साथ जमकर मारपीट की गई। हमले में मुखिया पति के सिर पर गंभीर चोट आई है, जिससे वे लहूलुहान हो गए।
प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला और वाहनों में तोड़फोड़
घटना के वक्त मौके पर अंचल अधिकारी (CO), प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), कार्यपालक दंडाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा) और प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी मौजूद थे। उपद्रवियों ने कार्यपालक दंडाधिकारी के सरकारी वाहन के शीशे तोड़ दिए। वहीं, कुछ महिलाओं ने भी लाठी-डंडों से लैस होकर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के साथ धक्का-मुक्की की और उन पर हमले का प्रयास किया।
पुलिस का बड़ा एक्शन: 27-28 उपद्रवी गिरफ्तार
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 27 से 28 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है। इलाके में शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया है और वर्तमान में घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है।
प्रशासन की अपील: जिला प्रशासन ने आम जनता से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन ने सख्त लहजे में कहा है कि किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है और सरकारी कार्य में बाधा डालने व लोक सेवकों पर हमला करने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






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