नई दिल्ली / पटना:
बिहार के पटना और सारण जिले के दियारा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों के सुगम आवागमन के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दियारा विकास संघर्ष समिति की ओर से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की गई। इस मुलाकात के दौरान क्षेत्र की सबसे पुरानी और आवश्यक मांग को लेकर एक स्मरण पत्र (रिमाइंडर) सौंपा गया।
पिलर संख्या-16 के पास एप्रोच रोड रैम्प बनाने की मांग
मुलाकात के दौरान जेपी सेतु के समानान्तर राष्ट्रीय राजमार्ग-139 (NH-139) के अंतर्गत गंगा नदी पर बन रहे दीघा-सोनपुर 6-लेन पुल से कनेक्टिविटी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया गया कि ग्राम पंचायत नकटा दियारा नया टोला से पिलर संख्या-16 के बीच एप्रोच रोड रैम्प का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।
क्यों जरूरी है यह रैम्प?
इस रैम्प के न होने से दियारा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को रोजाना आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह सिर्फ एक सड़क का टुकड़ा नहीं, बल्कि इस पूरे इलाके की लाइफलाइन है।
सिर्फ सड़क नहीं, विकास का रास्ता है यह परियोजना
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को सौंपे गए ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया गया कि यह परियोजना केवल एक बुनियादी ढांचा (Infrastructure) विकास नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर आम लोगों के बुनियादी अधिकारों से जुड़ी है। इस रैम्प के बनने से:
- शिक्षा और स्वास्थ्य: छात्र-छात्राओं और मरीजों को पटना या सोनपुर के बड़े अस्पतालों और कॉलेजों तक पहुँचने में आसानी होगी।
- कृषि और रोजगार: किसानों की फसलें समय पर मंडियों तक पहुँच सकेंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
- आपातकालीन सेवाएं: एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस जैसी आपातकालीन सेवाएं बिना किसी देरी के गांव तक पहुँच सकेंगी।
सकारात्मक पहल की उम्मीद
मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया गया कि इस एप्रोच रोड रैम्प निर्माण के लिए आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए, ताकि जनता को सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक आवागमन की सुविधा मिल सके।
मंत्री नितिन गडकरी ने इस जनहितकारी मांग को ध्यान से सुना और सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। उम्मीद है कि इस कदम से दियारा क्षेत्र के विकास को एक नई गति मिलेगी।





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