मुख्य बातें:
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में अखिल भारतीय महापौर परिषद की बैठक में लिया भाग।
- ₹23.15 करोड़ की एक योजना का लोकार्पण और ₹6.63 करोड़ की दो योजनाओं का शिलान्यास।
- चारधाम यात्रा में बना नया रिकॉर्ड, मात्र 45 दिनों में 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन।
ऋषिकेश। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज ऋषिकेश में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं कार्यकारी समिति बैठक में प्रतिभाग किया। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए ₹29.78 करोड़ की 3 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इसमें ₹23.15 करोड़ की एक योजना का लोकार्पण और ₹6.63 करोड़ की दो योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। कार्यक्रम के साथ ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास स्थलों का स्थलीय निरीक्षण भी किया।
देशभर से आए विभिन्न शहरों के मेयरों (महापौरों) का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेयर अपने शहर के प्रथम नागरिक होते हैं और उन पर जनता की आशाओं, अपेक्षाओं और विश्वास की बड़ी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा:
”अगर हमारे देश की आत्मा गाँवों में बसती है, तो हमारे नागरिकों के सपने, उनकी आकांक्षाएँ और उनके भविष्य की संभावनाएँ शहरों में आकार लेती हैं। आपके द्वारा लिए गए निर्णय आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को तय करते हैं।”
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)
चारधाम यात्रा में बना नया रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखंड से विशेष लगाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र के सहयोग से राज्य में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हुआ है। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष चारधाम यात्रा के शुरुआती 45 दिनों में ही 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रद्धालुओं की यात्रा को सरल, सुगम और सुरक्षित बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आंकड़ों को साझा करते हुए कहा कि पहले जहां आदि कैलाश में सालभर में महज 500 लोग आते थे, वहीं अब रोजाना करीब एक हजार लोग पहुंच रहे हैं। इसके अलावा मां पूर्णागिरि मंदिर में भी 24 लाख लोग दर्शन कर चुके हैं और बीते चार वर्षों में 23 करोड़ से अधिक पर्यटक उत्तराखंड आ चुके हैं।
शहरी विकास और जनकल्याणकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के शहरी विकास को एक नया मॉडल मिला है। स्वच्छ भारत मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना जैसी पहलों ने शहरों की सूरत बदली है।
उत्तराखंड सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया:
- अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर: गरीब परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रदेश में पहली बार नगर निकायों में इन सेंटर्स की स्थापना की गई है।
- आश्रय योजना: निराश्रित गौवंशों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई है।
- एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना: स्थानीय निकायों में श्वानों (कुत्तों) की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
- कचरा प्रबंधन: प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन, लीगेसी वेस्ट प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।
इस गरिमामयी अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल, श्री राम सिंह कैड़ा, विधायक श्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर श्री शंभू पासवान, श्रीमती रेनू बाला गुप्ता, श्री आशुतोष समेत देशभर के विभिन्न शहरों से आए महापौर और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







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