बिहार में बच्चों को पोलियो के खतरे से सुरक्षित रखने के लिए राज्य स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। आगामी 28 जून से 02 जुलाई 2026 तक पूरे राज्य के साथ-साथ पूर्णिया जिले में पल्स पोलियो राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान (Pulse Polio National Immunization Campaign) चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत 0 से 05 वर्ष तक की आयुवर्ग के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।
समाहरणालय पूर्णिया के जनसंपर्क कार्यालय (प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 707) से मिली जानकारी के अनुसार, इस अभियान को पूरी तरह सफल और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष तैयारी की है।
मुख्य बिंदु: अभियान की खास बातें
- अभियान की तारीख: 28 जून से 02 जुलाई 2026 तक।
- लक्षित आयुवर्ग: 0 से 05 वर्ष तक के सभी बच्चे।
- पहचान: टीका ले चुके बच्चों की उंगली पर इंडेलिबल इंक मार्कर पेन (अमिट स्याही) लगाई जाएगी।
- फोकस एरिया: बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, और प्रमुख चौक-चौराहों (ट्रांजिट पॉइंट) से गुजरने वाले बच्चों पर विशेष नजर रहेगी।
क्यों जरूरी है यह अभियान?
विश्व के कुछ हिस्सों में अभी भी पोलियो का संक्रमण जारी है, जिससे राज्य में पोलियो वायरस के आयात (Import) का खतरा हमेशा बना रहता है। इस खतरे को खत्म करने के लिए भारत सरकार के निर्देश पर बिहार स्वास्थ्य विभाग यह विशेष अभियान चला रहा है। इसके तहत न सिर्फ पल्स पोलियो बल्कि नियमित टीकाकरण का भी शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
शत-प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
पूर्णिया के जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. विनय मोहन ने बताया कि:
”अभियान के सफल संचालन के लिए सभी स्तर के टीकाकर्मियों और पर्यवेक्षकों (Supervisors) को शत-प्रतिशत ट्रेनिंग दी जाएगी। अभियान शुरू होने से 10 दिन पहले ‘जिला टास्क फोर्स’ की बैठक होगी। इसके अलावा, प्रखंड स्तर पर बीडीओ (BDO) और सीडीपीओ (CDPO) की मौजूदगी में ‘प्रखंड टास्क फोर्स’ की बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार नवजात शिशुओं (Newborns) को पोलियो खुराक पिलाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा और खुराक के बाद उनका नाम नियमित टीकाकरण की ‘ड्यू लिस्ट’ में जोड़ा जाएगा।
वैक्सीन की बर्बादी (Vaccine Waste) रोकने पर विशेष जोर
पूर्णिया के सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने जानकारी दी कि इस बार वैक्सीन के सदुपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। टीकाकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि ‘वैक्सीन वेस्ट’ कम से कम हो। अगर घर-घर टीकाकरण के बाद खुली हुई वायल (Open Vial) में वैक्सीन बच जाती है, तो उसका कोल्ड चेन मेंटेन (Cold Chain Maintenance) करते हुए अगले दिन फिर से उपयोग किया जाएगा।
बिहार सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं, ताकि भविष्य में वे इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रहकर एक सामान्य और स्वस्थ जीवन जी सकें।






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