बेगूसराय में सड़क में तीन थानाध्यक्ष के साथ खुद दुनिया से विदा होने वाले चालक ज्योतिष कुमार (23) का शव गांव पहुंचते ही लोगों की बड़ी भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं शव के पहुंचने के साथ परिजनों में कोहराम मच गया। लोग दिवंगत के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे थे। गांव के लोग भावुक थे।
परिजन के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा था। लोग परिजन को ढांढस बंधाने में लगे हुए थे। मां और पत्नी बेसुध हो गए। रोते रोते मां और पत्नी बेहोश हो जाया करतें। मां लालन-पालन की बात कहकर बिलख पड़ते। पत्नी कहती हैं अब उसे कौन देखेगा। फिर उसके पेट में पलने वाले बच्चे का क्या होगा।
दरअसल उदाकिशुनगंज नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या तीन मझहरपट्टी गांव के मनोज पासवान उदाकिशुनगंज थाना में प्राइवेट चालक है। उनका लड़का ज्योतिष कुमार बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार का वाहन चलाते थे।
बताया जाता है कि चालक ज्योतिष दारोगा नीरज के नीजी वाहन से पटना गए हुए थे। इस वाहन में बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार के साथ रतवारा थानाध्यक्ष साजन कुमार पासवान, अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र भी थे। पुलिस के मुताबिक इन सभी थानाध्यक्ष का गुरुवार को पटना के पटेल भवन में एक दिवसीय प्रशिक्षण था। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सभी उसी रात लोट रहें थे। जहां बेगूसराय में सड़क हादसा हुआ। जिसमें चालक सहित वाहन बैठे तीनों थानाध्यक्ष की मौत हो गई।
मौत की खबर आने पर चालक के पिता घटना स्थल पर गए। वहां से शव को अपने घर लेकर आएं। गांव में शव के इंतजार में पहले से ही भीड़ इकट्ठा था। जैसे ही शव को वाहन से निकाला गया। लोग अंतिम दर्शन के लिए जमा हो गए। फिर परिजनों के चीख से गांव और मौजूद लोगों का दिल दहल उठा।
दो साल पहले हुआ था प्रेम विवाह
परिजन के मुताबिक चालक ज्योतिष ने वर्ष 2024 में चौसा थाना क्षेत्र के सोहरा टोला में प्रेम विवाह किया था। हालांकि घर वाले को शादी से नाराजगी नहीं था। शादी के बाद से ही पति-पत्नी अपने घर में रह रहे थे।
प्रसव के दौरान नवजात की हुई थी मौत
बताया गया है कि करीब एक साल पहले ज्योतिष की पत्नी ने बच्चे को जन्म दी थी। उसी समय बच्चे मृत हो गया था।
गर्भ में पल रहा बच्चा
परिजन के मुताबिक ज्योतिष की पत्नी आठ माह की गर्भवती हैं। अभी बच्चा दुनिया में नहीं आया है पिता की मौत हो गई। लोग कह रहे हैं कि अब जब कुछ माह बाद बच्चा दुनिया में आएगा तो पिता के नहीं मिलने पर क्या हालत होगी। लोग तरह तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
नम आंखों से दी विदाई
चालक ज्योतिष को लोगों ने नम आंखों से विदाई दी। उनकी अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। मृतक के छोटे भाई अंकेश ने मुख्यगनी दी।







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