मधेपुरा / उदाकिशुनगंज:
मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल के लगभग 8 लाख लोगों की स्वास्थ्य व्यवस्था राम भरोसे है। क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण ‘उदाकिशुनगंज अनुमंडलीय अस्पताल’ में ब्लड बैंक, ट्रामा सेंटर और गहन चिकित्सा इकाई (ICU) जैसी जीवन रक्षक सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता बसंत कुमार झा ने मधेपुरा के जिला पदाधिकारी (DM) को एक ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द इन सुविधाओं को बहाल करने की मांग की है।
8 लाख की आबादी, लेकिन सुविधाओं का घोर अभाव
ज्ञापन के माध्यम से बताया गया है कि उदाकिशुनगंज अनुमंडल के अंतर्गत 8 प्रखंड, 66 पंचायत, 1 नगर परिषद और 2 नगर पंचायत आते हैं। यह अनुमंडलीय अस्पताल इतनी बड़ी आबादी के लिए स्वास्थ्य का मुख्य केंद्र है। बावजूद इसके, यहां अत्यंत महत्वपूर्ण सुविधाओं का न होना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि, ट्रामा सेंटर की सख्त जरूरत
हाल के दिनों में उदाकिशुनगंज और इसके आसपास के क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है।
- इलाज में देरी: ट्रामा सेंटर और ब्लड बैंक न होने के कारण दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक और त्वरित चिकित्सा नहीं मिल पाती है।
- जान का खतरा: कई बार समय पर खून न मिलने या क्रिटिकल केयर (गहन चिकित्सा) के अभाव में मरीजों की जान चली जाती है। यदि ये सुविधाएं यहां उपलब्ध हों, तो दुर्घटना के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
महिलाओं में खून की कमी और सुरक्षित प्रसव की चुनौती
सामाजिक और आर्थिक कारणों से इस क्षेत्र की अधिकांश महिलाएं एनीमिया (खून की कमी) से पीड़ित रहती हैं। सुरक्षित प्रसव (Safe Delivery) के दौरान अक्सर महिलाओं को अचानक खून चढ़ाने की आवश्यकता पड़ जाती है। अस्पताल में अपना ‘ब्लड बैंक’ न होने के कारण गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को दर-दर भटकना पड़ता है।
व्यापक जनहित में डीएम से की गई अपील
सामाजिक कार्यकर्ता बसंत कुमार झा ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए व्यापक जनहित में यह आग्रह किया है कि उदाकिशुनगंज अनुमंडलीय अस्पताल में अविलंब ब्लड बैंक, ट्रामा सेंटर और गहन चिकित्सा इकाई (ICU) की स्थापना की जाए, ताकि दूर-दराज के ग्रामीणों को समय पर उचित और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकें।







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