जांच में आरोप सत्य पाए जाने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बारूण की बीसीएम निलंबित
औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ जिला प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए एक बड़ी कार्रवाई की है। जिले के बारूण स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Community Health Center, Barun) में आशा कार्यकर्ताओं की बहाली में पैसे के लेन-देन का आरोप सही पाए जाने पर ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर (BCM) श्रीमती कुसुम कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह सख्त कदम औरंगाबाद की जिलाधिकारी (DM) श्रीमती अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर उठाया गया है।
जिला पदाधिकारी, औरंगाबाद श्रीमती अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बारूण में आशा कार्यकर्ताओं की बहाली से संबंधित वायरल वीडियो एवं प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच कराई गई। मामले की जांच हेतु गठित त्रि-स्तरीय जांच दल ने वीडियो के सूक्ष्म विश्लेषण एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शिकायतकर्ता एवं संबंधित कर्मी के बीच पैसे के लेन-देन से जुड़े आरोपों को सत्य पाया।
जांच प्रतिवेदन के उपरांत जिला स्वास्थ्य समिति, औरंगाबाद से भी मंतव्य प्राप्त किया गया, जिसमें संबंधित कर्मी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई। जांच दल की रिपोर्ट, जिला स्वास्थ्य समिति की अनुशंसा तथा राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के प्रावधानों के आलोक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बारूण में कार्यरत बीसीएम श्रीमती कुसुम कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय सदर अस्पताल, औरंगाबाद निर्धारित किया गया है।
साथ ही सिविल सर्जन, औरंगाबाद को संबंधित कर्मी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया है।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं, नियुक्ति प्रक्रियाओं एवं जनहित से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, अनियमितता अथवा कदाचार पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
Vigilance Department, Government of Bihar Information & Public Relations Department, Government of Bihar CMO Bihar






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