गया, 24 जून 2026: बिहार सरकार अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के उत्थान और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए लगातार कार्यरत है। इसी कड़ी में, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत गया जिले में एक बड़ा कदम उठाया गया है। गया के जिलाधिकारी (DM) श्री शशांक शुभंकर ने अत्याचार से पीड़ित 42 लाभुकों के लिए कुल 23,53,300 रुपये की मुआवजा राशि की स्वीकृति दी है।
यह पहल बिहार सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग (Social Welfare Department, Bihar) और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO Bihar) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य समाज के शोषित और वंचित वर्गों को त्वरित न्याय और आर्थिक संबल प्रदान करना है।
मुआवजा राशि का विवरण: दो किस्तों में भुगतान
जिला पदाधिकारी के अनुसार, गया जिले के विभिन्न थानों में दर्ज प्राथमिकियों (FIR) और आरोप पत्रों के आधार पर पीड़ितों को यह राहत अनुदान दिया जा रहा है। कुल 42 मामलों में यह राशि स्वीकृत की गई है, जिसे सीधे पीड़ितों के आधार (Aadhaar) लिंक बैंक खातों में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजा जाएगा:
- प्रथम किस्त: 22 मामलों में कुल 7,03,300 रुपये की स्वीकृति।
- द्वितीय किस्त: 20 मामलों में कुल 16,50,000 रुपये की स्वीकृति।
SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मुआवजे का प्रावधान (नियम व शर्तें)
डीएम ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पीड़ितों को अपराध की गंभीरता के आधार पर अलग-अलग चरणों में मुआवजा दिया जाता है। इस अधिनियम के तहत राहत अनुदान के नियम इस प्रकार हैं:
1. गाली-गलौज और अपमानित करने के मामले (धारा 3 (1) (r) (s)):
- कुल राशि: 1,00,000 रुपये
- भुगतान प्रक्रिया: FIR दर्ज होने पर 25% (25,000 रुपये), न्यायालय में आरोप पत्र (Chargesheet) दाखिल होने पर 50% (50,000 रुपये), और दोष सिद्ध होने पर शेष 25% (25,000 रुपये)।
2. मारपीट और गंभीर चोट के मामले (धारा 3 (2) (va)):
- कुल राशि: 2,00,000 रुपये
- भुगतान प्रक्रिया: FIR पर 25% (50,000 रुपये), आरोप पत्र दाखिल होने पर 50% (1,00,000 रुपये), और दोष सिद्ध होने पर अंतिम 25% (50,000 रुपये)।
3. दुष्कर्म (Rape) और सामूहिक दुष्कर्म के मामले:
- कुल राशि: क्रमशः 5,00,000 रुपये और 8,25,000 रुपये
- भुगतान प्रक्रिया: मेडिकल जांच और पुष्टि के बाद 50%, न्यायालय में आरोप पत्र भेजे जाने पर 25%, और दोष सिद्ध होने पर शेष 25%।
4. हत्या या मृत्यु के मामले:
- कुल राशि: 8,25,000 रुपये
- भुगतान प्रक्रिया: पोस्टमार्टम (शव परीक्षण) के बाद 50% (4,12,500 रुपये), और आरोप पत्र दाखिल होने पर शेष 50% (4,12,500 रुपये)।
- अतिरिक्त सहायता: इसके अलावा, पीड़ित के आश्रित को 5,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन (महंगाई भत्ते के साथ) और न्यायालय में आरोप गठन के बाद परिवार के किसी एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भी प्रावधान है।






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