बिहार: CM सम्राट चौधरी की बड़ी समीक्षा बैठक; पेयजल आपूर्ति का समय बढ़ा, सभी जिला मुख्यालय फोर-लेन से जुड़ेंगे

By Gaurav Kabir

Published on: 12 घंटे पहले

​पटना: बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज 1 अणे मार्ग स्थित लोक सेवक आवास ‘संकल्प’ में राज्य के विकास से जुड़े चार महत्वपूर्ण विभागों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक

पटना: बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज 1 अणे मार्ग स्थित लोक सेवक आवास ‘संकल्प’ में राज्य के विकास से जुड़े चार महत्वपूर्ण विभागों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इस बैठक में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED), पथ निर्माण विभाग (RCD), उच्च शिक्षा विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को कई कड़े व आवश्यक निर्देश दिए गए।

PHED: ‘हर घर नल का जल’ आपूर्ति का समय बढ़ा, शिकायतों के लिए AI का होगा इस्तेमाल:-

​लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट किया कि हर घर तक शुद्ध पेयजल की निरंतर और निर्बाध आपूर्ति राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

  • पेयजल आपूर्ति का समय बढ़ा: मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि ‘हर घर नल का जल’ योजना के तहत सुबह और शाम पानी की आपूर्ति का समय एक-एक घंटा और बढ़ाया जाए, ताकि आम जनता को पानी की कोई किल्लत न हो।
  • शिकायतों के लिए AI का उपयोग: पेयजल से जुड़ी शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया।

पथ निर्माण: सभी जिला मुख्यालय फोर-लेन से होंगे कनेक्ट, कनेक्टिविटी पर जोर:-

​सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से पथ निर्माण विभाग की बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कनेक्टिविटी को लेकर बड़ा विजन सामने रखा:

  • फोर-लेन कनेक्टिविटी: बिहार के सभी जिला मुख्यालयों को फोर-लेन (4-Lane) सड़कों से जोड़ने का काम तेज किया जाएगा।
  • रफ्तार और गुणवत्ता: राज्य में चल रहे सभी एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और स्टेट हाई-वे (SH) के निर्माण कार्यों को तीव्र गति से और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए।
  • आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्रों का विकास: राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक विरासतों, औद्योगिक कॉरिडोर, विशेष कृषि उत्पादन क्षेत्रों और महत्वपूर्ण बाजारों को बेहतर कनेक्टिविटी देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उच्च शिक्षा: 211 प्रखंडों में 1 जुलाई से डिग्री की पढ़ाई, विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए जमीन जल्द:-

​उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान बिहार के शैक्षणिक ढांचे को लेकर कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए:

  • 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज: राज्य के जिन 211 प्रखंडों में अब तक डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां आगामी 1 जुलाई से डिग्री की पढ़ाई शुरू करने का सख्त निर्देश दिया गया है।
  • भूमिदाताओं के नाम पर होगा कॉलेज का नाम: जिन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां कॉलेज स्थापना के लिए जो व्यक्ति भूमि दान देगा, उस महाविद्यालय का नामकरण उसी व्यक्ति या उनके द्वारा अनुशंसित व्यक्ति के नाम पर किया जाएगा।
  • विक्रमशिला विश्वविद्यालय: ऐतिहासिक विक्रमशिला विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित और पुनर्स्थापित करने के लिए भारत सरकार को शीघ्र ही जमीन हैंडओवर की जाएगी। इस संबंध में केंद्र सरकार को तुरंत पत्र भेजकर सूचित करने का निर्देश दिया गया।
  • रिसर्च सेंटर्स का आधुनिकीकरण: बिहार के विश्वविद्यालयों से जुड़े सभी रिसर्च सेंटरों को पुनर्व्यवस्थित, सिस्टेमैटिक और स्पेशलाइज्ड बनाया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग: PPP मॉडल पर बनेंगे मेडिकल कॉलेज, अनावश्यक रेफरल पर लगेगी रोक:-

​स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में दो बड़े नीतिगत निर्देश दिए:

  • PPP मॉडल पर मेडिकल कॉलेज: बिहार में चिकित्सा शिक्षा और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए लोक निजी भागीदारी (PPP Model) के तहत ‘ग्रीनफील्ड’ (नए) और ‘ब्राउनफील्ड’ (मौजूदा का विस्तार) मेडिकल कॉलेजों का विकास किया जाएगा।
  • अनावश्यक रेफरल पर रोक: जिला और अनुमंडलीय अस्पतालों से मरीजों को बिना ठोस वजह के उच्च संस्थानों में रेफर करने (अनावश्यक रेफरल) पर यथासंभव रोक लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त तक अस्पतालों में यह व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देश दिया है, जिसकी नियमित मॉनिटरिंग संबंधित जिलों के जिलाधिकारी (DM) करेंगे।
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