रिपोर्ट: News 96 India डेस्क
पटना: बिहार में तकनीकी शिक्षा और युवाओं के सशक्तिकरण को नई दिशा देते हुए, माननीय मुख्यमंत्री सह बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय (BEU), पटना के कुलाधिपति श्री सम्राट चौधरी ने आज ज्ञान भवन (सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर) में आयोजित तृतीय दीक्षांत समारोह का भव्य शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर राज्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए कई बड़ी घोषणाएं की गईं।
“नौकरी खोजने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें युवा”
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने युवाओं में नेतृत्व क्षमता और उद्यमशीलता विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा, स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल विकास ही बिहार की प्रगति के प्रमुख आधार हैं। युवाओं से सीधा आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे सिर्फ रोजगार की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि अपने इनोवेशन से समाज में ‘नौकरी देने वाले’ (Job Creators) बनें।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अब हर वर्ग की पहुंच में
राज्य के हर तबके तक तकनीकी शिक्षा पहुंचाने के विजन को साझा करते हुए बताया गया कि बिहार के सभी 38 जिलों के इंजीनियरिंग कॉलेजों में मात्र ₹10 तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों में मात्र ₹5 के शुल्क पर पढ़ाई उपलब्ध कराई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी होनहार विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे।
इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा का महाविस्तार: विक्रमशिला से भागलपुर तक
क्षेत्रीय विकास और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके लिए भारत सरकार को 220 एकड़ भूमि पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है।
भविष्य की तकनीक को ध्यान में रखते हुए दो बड़े शैक्षणिक संस्थानों की घोषणा भी की गई:
- मुजफ्फरपुर: आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय।
- भागलपुर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय।
इन नए संस्थानों के निर्माण से न केवल क्षेत्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि बिहार के युवा सीधे तौर पर ग्लोबल टेक इंडस्ट्री से जुड़ सकेंगे।






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