मद्य निषेध टीम की बड़ी कार्रवाई: 24 घंटे के भीतर शराब तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़
दरभंगा, 03 जून 2026: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मद्य निषेध विभाग, दरभंगा को एक बड़ी कामयाबी मिली है। कूरियर सर्विस के जरिए की जा रही शराब तस्करी के एक बड़े रैकेट का खुलासा करते हुए टीम ने 505 लीटर से अधिक विदेशी शराब बरामद की है। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत तीन तस्करों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है।
कूरियर पार्सल के जरिए हो रही थी शराब की तस्करी
सहायक आयुक्त (मद्य निषेध) प्रदीप कुमार ने बताया कि 31 मई 2026 को नियमित गश्ती और वाहन जाँच के दौरान मब्बी थाना क्षेत्र के मधपुर स्थित देल्ही वेरी लिमिटेड (DTDC) कूरियर कंपनी के गोदाम में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
जाँच के दौरान टीम को गोदाम से हरे रंग के 40 टिन कंटेनर मिले। इन कंटेनरों में लकड़ी के बुरादे (भूसे) के अंदर बेहद शातिर और सुनियोजित तरीके से विभिन्न ब्रांडों की विदेशी शराब छिपाकर रखी गई थी।
बरामदगी और जांच की मुख्य बातें (Key Highlights)
- कुल बरामदगी: बोतलों और टेट्रा पैक में रखी कुल 505.170 लीटर विदेशी शराब।
- तस्करी का तरीका: कूरियर पार्सल के माध्यम से अवैध शराब मंगाकर बिहार के विभिन्न इलाकों में खपाने की योजना थी।
- बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज: 01 जून 2026 को कूरियर कंपनी के सहयोग से पार्सल के आने और भेजने वाले नेटवर्क की गहन तकनीकी जाँच की गई।
मधुबनी से मुख्य आरोपी और 2 सहयोगी गिरफ्तार
तकनीकी और मानवीय इनपुट के आधार पर शराब मंगाने वाले मुख्य अभियुक्त की पहचान पतौना थाना क्षेत्र, जिला मधुबनी के निवासी के रूप में हुई। इसके बाद मद्य निषेध टीम दरभंगा ने बेनीपट्टी मद्य निषेध थाना (मधुबनी) के साथ मिलकर एक संयुक्त और नाटकीय छापेमारी की।
इस योजनाबद्ध कार्रवाई में मुख्य अभियुक्त और उसके दो सहयोगियों को दबोच लिया गया। शराब बरामद होने के महज 24 घंटे के भीतर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
“राज्य में शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन जारी रहेगा। शराब की तस्करी, भंडारण या अवैध कारोबार में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।”
— प्रदीप कुमार, सहायक आयुक्त, मद्य निषेध (दरभंगा)
फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि शराब की यह खेप कहाँ से भेजी गई थी और इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।






No comments yet. Be the first to comment!