शारदीय खरीफ महाभियान-2026 अन्तर्गत जिलास्तरीय कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन

By Gaurav Kabir

Published on: अभी-अभी

भागलपुर, 11 जून 2026. शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 अन्तर्गत जिलास्तरीय कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन संयुक्त रुप से श्री प्रदीप कुमार सिंह (भा०प्र० से०), प्रभारी जिला पदाधिकारी, भागलपुर, श्री श्याम बिहारी सिंह, सयुक्त निदेशक (शष्य)

भागलपुर, 11 जून 2026. शारदीय (खरीफ) महाभियान-2026 अन्तर्गत जिलास्तरीय कर्मशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन संयुक्त रुप से श्री प्रदीप कुमार सिंह (भा०प्र० से०), प्रभारी जिला पदाधिकारी, भागलपुर, श्री श्याम बिहारी सिंह, सयुक्त निदेशक (शष्य) भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर, श्री प्रेम शंकर प्रसाद, जिला कृषि पदाधिकारी, भागलपुर, के द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया।

इस अवसर पर श्री प्रभात कुमार सिह एवं श्री बिपुल, उप परियोजना निदेशक, आत्मा, भागलपुर, श्री रामजीवन सिंह, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, भागलपुर, श्री वरूण कुमार, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, नवगछिया, डॉ० हेमलता कुमारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, कहलगाँव, डॉ० अनिता कुमारी, वरीय वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र, सबौर, डॉ० स्वाती कुमारी, विषय वस्तु विशेषज्ञ, कृषि विज्ञान केन्द्र, सबौर, श्री सरोज कुमार यादव, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, श्री हरिओम, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, श्री अर्चना प्रिया, जिला विकास प्रबंधक, नाबार्ड, भागलपुर, श्री शैलेश गुप्ता, अग्रणी जिला प्रबंधक, भागलपुर, सहित जिलास्तरीय कृषि एवं संबंद्ध विभाग के पदाधिकारियों एवं अनुमंडल, प्रखंड, पंचायत स्तर के पदाधिकारी / कर्मी उपस्थित हुए।

कार्यक्रम के आरंभ मे श्री प्रभात कुमार सिंह के द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारियों/कर्मी एवं किसानों का स्वागत किया गया। उनके द्वारा बताया गया कि वर्तमान समय में किसनों को उर्वरक के संतुलित प्रयोग करने एवं खेतों की उर्वरा शक्ति बनाये रखने के लिए किसानो को प्राकृतिक संसाधनो के सरक्षण के साथ-साथ प्राकृतिक एव जैविक खेती की ओर अग्रसर होना होगा।

उन्होने बताया कि भागलपुर जिले में दिनाक 12.06. 2026 से 30.06 2026 तक सभी प्रखंडों में शारदीय (खरीफ) महाभियान सह खेत बचाओ अभियान के अन्तर्गत प्रखण्ड स्तरीय प्रशिक्षण-सह-उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन प्रखंड कृषि कार्यालय में किया जाएगा। साथ ही जिले के सभी प्रखंडों के सभी पंचायतों में शारदीय (खरीफ) कृषि जन कल्याण चौपाल राह खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया जायेगा।

श्री प्रदीप कुमार सिंह (भा०प्र० से०) प्रभारी जिला पदाधिकारी, भागलपुर ने किसानों एवं प्रसार कर्मियों को संबोधित करते हुए बताया कि शारदीय (खरीफ) महाभियान के माध्यम से किसानों को जिले के सभी पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित कर कुछ प्रमुख बिन्दुओं पर प्रशिक्षण दिया जाना है। जिसमें उनको अवगत कराना है कि बिहार सरकार एवं केन्द्र सरकार की जो योजनाएँ है इनका मूल उद्देश्य वर्तमान परिदृश्य में भारत/विश्व की चुनौतियाँ खाद्य सुरक्षा है।

इसी के परिपेक्ष्य में जो शारदीय महाभियान है यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम है और इससे अपेक्षा बढ़ जाती है। इस समय में ऐसे फसल एवं तकनीक का चयन किया जाए जिससे कम जमीन में हमलोग ज्यादा से ज्यादा उत्पादकता बढ़ा सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए किसानों को प्रशिक्षण दिया जाए जिसमें मुख्यतः इन बिन्दुओं पर जानकारी दी जाए-

1. जलवायु अनुकुल खेती कार्यक्रम

2. मोटे अनाज की खेती

3 शारदीय मक्का की खेती

4 बेबी कॉर्न स्वीट कॉर्न

5 शारदीय दलहन की खेती

8. शारदीय प्याज की खेती

7. जिरो टिलेज से धान की खेती

8. उद्यानिक फसलों की खेती

9. कृषि यांत्रिकरण

10 कृषि में ड्रोन का उपयोग एवं फसल विवधिकरण।

उनके द्वारा कृषि विभाग को निर्देश दिया गया कि जो आत्मा के तहत जो प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाता है उस कार्यक्रम में जिले के हर प्रखंड एवं पचायत से किसानों को चिन्हित कर राज्य के बाहर नवीनतम तकनीक सीखने के लिए भेजा जाय। साथ प्रशिक्षण उपरान्त उन किसानों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रसार कार्य में उनकी भागीदारी किया जाय।

श्री प्रेग शंकर प्रसाद, जिला कृषि पदाधिकारी, भागलपुर द्वारा बताया गया कि खेत बचाओं अभियान अन्तर्गत किसानों को जागरूक करना है कि वो गिट्टी को बर्बाद नहीं होने देंगे। किसान अपनी कुल रकया के एक चौथाई भाग पर जैविक खेती करें।

किसानों द्वारा अंधाधुन रसायनिक खाद एवं कीटनाशक के प्रयोग से हमारी मिट्टी, पानी एवं हवा दूषित हो रहा है। उन्होंने सभी किसानों को सलाह दिया कि अपनी प्राकृतिक संसाधन का इस्तेमाल करते हुए जैविक खेती अपनाएँ एवं अपना तथा मृदा का स्वास्थ्य भी बचाएँ।

श्रीमती अर्चना प्रिया, जिला विकास प्रबंधक, नबार्ड भागलपुर के द्वारा बताया गया कि किसानों को जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए नाबार्ड द्वारा एफ०पी०ओ० का गठन किया जाता है जिसमे किसानो को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है एव किसानों को सबसे सस्ता कृषि ऋण के०सी०सी० प्रदान किया जाता है उनके द्वारा ये भी बताया गया कि के०सी०सी० ऋण कृषि के अलावे पशुपालन, मत्स्य पालन के लिए किसानों को उपलब्ध कराया जाता है।

श्री शैलेश गुप्ता, अग्रणी जिला प्रबंधक, यूको बैंक, भागलपुर के द्वारा बताया गया कि किसान खेती के साथ अपने उत्पाद का प्रसंस्करण एवं मुल्य संवर्द्धन कर ले तो उनको उचित मूल्य मिलेगा। अभी वर्त्तमान में कुछ प्रखड के किसान प्रसस्करण के बल पर अपनी पहचान कृषि उद्यमी के रूप में बना रहे है।

डॉ० हेमलता कुमारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, कहलगाँव द्वारा बताया गया कि किसानो का पहचान हेतु किसान पंजीयन आई०डी० कार्ड बनाना बहुत जरूरी है आने वाले समय में इसी आई०डी० पर उर्वरक, बीज, फसल क्षति इत्यादि का लाभ किसानों को मिल सकेगा। भागलपुर जिला में कुल 10-11 लाख अपने नाम से जमाबंदी वाले किसान है, उनमें से अभी तक मात्र 2 लाख 8 हजार किसानों का ही FR ID बना है।

शेष किसानों का बनाना बहुत जरूरी है ताकि उन्हें सभी लाभ मिल सके। इसके साथ-साथ उन्होंने डी०सी०एस० पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी।

कृषि वैज्ञानिक, श्री सरोज कुमार यादव के द्वारा बताया गया कि हमारी मिट्टी भी एक जीवित पदार्थ है मिट्टी के स्वास्थ में सुधार के लिए मिट्टी जाँच भी जरूरी है। किसानों को फसल चक्र, फसल विविधिकरण, हरीखाद का प्रयोग अपनाना चाहिए ताकि मिट्टी की उर्वरता बनी रहे।

कृषि वैज्ञानिक, डॉ० हरिओम, श्रीमती अनिता कुमारी, वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान, कृषि विज्ञान केन्द्र, सबौर, स्वाति कुमारी, कृषि विज्ञान केन्द्र, सबौर के द्वारा किसानों एवं पदाधिकारियों को तकनीकी जानकारी दी गई।अंत में श्री बिपुल जी, उप परियोजना निदेशक, आत्मा के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।

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