मधेपुरा: झूठे गैंगरेप केस से पलटी बेटी, तो पिता-भाई ने रची खौफनाक साजिश, थाने में आत्मदाह का प्रयास

By Gaurav Kabir

Published on: अभी-अभी

​मधेपुरा (25 मई 2026): बिहार के मधेपुरा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला आपराधिक मामला सामने आया है। मधेपुरा पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एक पिता और भाई ने अपनी

मधेपुरा (25 मई 2026): बिहार के मधेपुरा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला आपराधिक मामला सामने आया है। मधेपुरा पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एक पिता और भाई ने अपनी ही नाबालिग बेटी को जिंदा जलाकर हत्या करने और उसे एक झूठे केस में फंसाए गए युवक के परिवार पर मढ़ने की खौफनाक साजिश रची। हालांकि, ग्रामीणों और पुलिस की सतर्कता से एक बड़ी अनहोनी टल गई।

​जानकारी के अनुसार यह मामला जनवरी 2026 का है।पिता के दबाव में दर्ज कराया गया था झूठा गैंगरेप/पॉक्सो (POCSO) केस।कोर्ट में सच: पीड़िता ने कोर्ट में बयान पलटते हुए आरोपी रौशन कुमार से प्रेम करने की बात कबूली।बौखलाए पिता शंभू यादव और भाई ने बेटी को ट्रैक्टर के डीजल से जलाने का प्रयास किया।थाने में हाई-वोल्टेज ड्रामा: खौफजदा पीड़िता ने शंकरपुर थाने के बाथरूम में खुद को आग लगाने की कोशिश की।

​झूठे गैंगरेप केस से शुरू हुआ विवाद

​मधेपुरा पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम की जड़ें 28 जनवरी 2026 को दर्ज हुए एक मामले (महिला थाना कांड सं0-03/26) से जुड़ी हैं। पीड़िता के पिता शम्भु यादव ने अपनी नाबालिग बेटी के माध्यम से गांव के ही रौशन कुमार और अन्य के खिलाफ गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट के तहत झूठा केस दर्ज करवाया था। इस मामले में रौशन कुमार को जेल भेज दिया गया था और चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी थी।

​बाद में जब मामले की सुनवाई हुई, तो पीड़िता ने कोर्ट में सच्चाई बयां कर दी। उसने कोर्ट को बताया कि उसके साथ कोई गैंगरेप नहीं हुआ है और उसने यह केस पिता के दबाव में किया था। पीड़िता ने यह भी साफ किया कि वह रौशन कुमार से प्रेम करती है।

​प्रेमी को छुड़ाने की कोशिश और पिता का क्रूर षड्यंत्र

​हाल ही में पीड़िता ने रौशन को जेल से बाहर निकालने के लिए रौशन के पिता के एक दोस्त से बात की थी। इसकी भनक शंभू यादव (पिता) को लग गई। इसके बाद पिता और भाई ने एक खौफनाक साजिश रची:

  1. अपहरण और बर्बरता: रात के समय पिता और भाई ने पीड़िता के हाथ बांधे और उसके मुंह में चुनरी ठूंस दी ताकि वह शोर न मचा सके।
  2. हत्या कर फंसाने की साजिश: वे ट्रैक्टर से डीजल निकालकर पीड़िता को रौशन कुमार के घर के पीछे ले गए।
  3. मकसद: योजना यह थी कि पीड़िता को रौशन के घर के पीछे जलाकर मार दिया जाए, ताकि पुलिस और गांव वाले यह समझें कि रौशन के जेल जाने का बदला लेने के लिए उसके परिवार वालों ने लड़की की हत्या की है।

​सौभाग्य से, आसपास के कुछ लोगों ने उन्हें देख लिया, जिसके बाद आरोपी पिता-पुत्र मौके से फरार हो गए।

​शंकरपुर थाने में खौफजदा लड़की का आत्मदाह का प्रयास

​सुबह स्थानीय लोगों की सूचना पर शंकरपुर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने लड़की को रौशन के घर के पीछे से बरामद किया, जिसके शरीर से तेज डीजल की गंध आ रही थी। पूछताछ में पीड़िता ने पुलिस को अपने पिता और भाई की पूरी साजिश बता दी।

​पिता और भाई के खौफ से डरी-सहमी लड़की को लगा कि घर लौटने पर वे उसे मार डालेंगे। इसी घबराहट में, जब उसे शंकरपुर थाने के बाथरूम में भेजा गया, तो उसने स्वयं को आग लगाने (आत्मदाह) का प्रयास किया। गनीमत यह रही कि काफी समय बीत जाने के कारण डीजल का असर कम हो गया था। पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कंबल और पानी डालकर आग बुझाई और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत अब स्थिर है।

​एफएसएल (FSL) टीम की जांच और आगे की कार्रवाई

​मधेपुरा पुलिस ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम को बुलाया है। टीम ने घटनास्थल (रौशन कुमार के घर के पीछे) से डीजल वाली मिट्टी के सैंपल जब्त कर लिए हैं।

​चूंकि पीड़िता नाबालिग है और उसके सगे पिता-भाई ने ही हत्या का प्रयास किया है, इसलिए मधेपुरा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि परिवार का कोई अन्य वयस्क सदस्य प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं कराता है, तो पुलिस स्वयं के बयान पर स्वतः संज्ञान लेते हुए FIR दर्ज करेगी

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