बाढ़ सुरक्षा सप्ताह 2026 के अवसर पर अमौर एवं बैसा अंचल में बाढ़ बचाव एवं आपदा प्रबंधन पर मॉकड्रिल का सफल आयोजन

By Gaurav Kabir

Published on: June 17, 2026

जिला पदाधिकारी, पूर्णिया, श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) के दिशा-निर्देश के आलोक में दिनांक 16.06.2026 को ‘बाढ़ सुरक्षा सप्ताह 2026’ के अंतर्गत जिले के अमौर और बैसा अंचलों में बाढ़ एवं अन्य संभावित आपदाओं से बचाव

जिला पदाधिकारी, पूर्णिया, श्री अंशुल कुमार (भा०प्र०से०) के दिशा-निर्देश के आलोक में दिनांक 16.06.2026 को ‘बाढ़ सुरक्षा सप्ताह 2026’ के अंतर्गत जिले के अमौर और बैसा अंचलों में बाढ़ एवं अन्य संभावित आपदाओं से बचाव हेतु एक वृहद मॉकड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जन-जागरूकता बढ़ाना और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नागरिकों का क्षमतावर्धन (Capacity Building) करना था।

SDRF द्वारा प्रखंड सभागार में विशेष प्रशिक्षण: इस अवसर पर राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की विशेषज्ञ टीम द्वारा अमौर एवं बैसा के प्रखंड सभागार में एक विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। SDRF के जवानों ने उपस्थित सभी कर्मी को बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की तकनीकी जानकारी दी और आपात स्थिति में त्वरित एवं सुरक्षित कार्रवाई करने के वैज्ञानिक तरीके सिखाए।


सजीव प्रदर्शन (Live Demonstration): SDRF ने बाढ़ के दौरान फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, रेस्क्यू बोट का संचालन करने और त्वरित राहत पहुँचाने का सजीव दृश्य प्रस्तुत किया।


घरेलू संसाधनों से बचाव (नागरिक क्षमतावर्धन): ग्रामीणों को आपदा के समय आत्मनिर्भर बनने का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें घरेलू और स्थानीय संसाधनों (जैसे- खाली प्लास्टिक की बोतलें, केले के थंब/तने आदि) का उपयोग कर जीवन रक्षक उपकरण (Life-saving tools) बनाने के तरीके सिखाए गए।


प्राथमिक उपचार एवं स्वास्थ्य जागरूकता: बाढ़ के दौरान डूबने की स्थिति, सांप काटने (Snakebite) और जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए मेडिकल टीम द्वारा फर्स्ट-एड (First-Aid) और सीपीआर (CPR) देने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
पूर्व चेतावनी प्रणाली (Early Warning System): प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को मौसम विभाग की चेतावनियों को समझने और सुरक्षित स्थानों (राहत शिविरों) तक समय रहते पहुँचने के लिए जागरूक किया गया।


इस अवसर पर अपर समाहर्ता ( आपदा प्रबंधन)श्री सुजय कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि पूर्णिया जिला प्रशासन आगामी मानसून और किसी भी संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

उन्होंने कहा कि “आपदा प्रबंधन में पूर्व तैयारी और आम जनमानस की जागरूकता ही जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करने का सबसे प्रभावी हथियार है। अमौर और बैसा जैसे संवेदनशील अंचलों में SDRF द्वारा दिया गया यह प्रशिक्षण और मॉकड्रिल लोगों में आत्मविश्वास जगाने और प्रशासनिक तैयारियों को जमीनी स्तर पर परखने का एक महत्वपूर्ण कदम है।


Information & Public Relations Department, Government of Bihar

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