मुहर्रम 2026: बिहार में हाई अलर्ट जारी, बिना लाइसेंस जुलूस और डीजे पर बैन, जानें क्या हैं नए नियम

By Gaurav Kabir

Published on: अभी-अभी

बिहार में मुहर्रम 2026 (Muharram 2026) को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है। मुख्य सचिव और डीजीपी की बैठक में डीजे, भड़काऊ गानों और बिना लाइसेंस जुलूस पर सख्त रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। पढ़ें पूरी गाइडलाइंस।

पटना (Bihar News): बिहार में मुहर्रम 2026 के पर्व को शांतिपूर्ण और सांप्रदायिक सौहार्द के साथ संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। मुहर्रम को लेकर पूरे बिहार में हाई अलर्ट (High Alert) जारी कर दिया गया है। राज्यव्यापी तैयारियों को तेज करते हुए पुलिस महकमे ने असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों पर नकेल कसने के लिए सख्त गाइडलाइंस लागू कर दी हैं।

​मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और बिहार के डीजीपी (DGP) ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की गई।

मुहर्रम जुलूस को लेकर सख्त नियम

​प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में जारी किए गए प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं:

  • लाइसेंस अनिवार्य: राज्य में बिना वैध लाइसेंस के किसी भी मुहर्रम जुलूस को निकालने की अनुमति नहीं होगी।
  • डीजे और गानों पर बैन: जुलूस या किसी भी कार्यक्रम के दौरान डीजे बजाने, भड़काऊ गाने चलाने और सांप्रदायिक नारेबाजी करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
  • हथियारों के प्रदर्शन पर रोक: जुलूस में किसी भी प्रकार के गैरकानूनी हथियारों के प्रदर्शन और विवादास्पद झांकियों पर सख्त पाबंदी लगाई गई है।

सोशल मीडिया और संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर

​अफवाहों को फैलने से रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने तकनीकी निगरानी को भी बढ़ा दिया है:

  • 24×7 साइबर मॉनिटरिंग: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप) पर 24 घंटे साइबर सेल की नजर रहेगी। भड़काऊ या भ्रामक पोस्ट करने वालों पर तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।
  • सघन गश्ती: राज्य के सभी संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई है और सघन गश्ती (Intensive Patrolling) के निर्देश दिए गए हैं।
  • शांति समिति की बैठकें: थानों के स्तर पर संवेदनशील इलाकों में शांति समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं ताकि दोनों समुदायों के बीच संवाद और विश्वास बना रहे।

धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और सरकार की अपील

​प्रशासन को सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। अफवाह फैलाने वालों को सीधे तौर पर चेतावनी दी गई है कि उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार की आम जनता से अपील:

राज्य सरकार ने बिहार की जनता से अपील की है कि वे मुहर्रम के पवित्र पर्व को आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाएं। सरकार ने नागरिकों से यह भी आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।

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