“₹600 वसूली का हिसाब दो” — छात्र नेता पीयूष पुजारा के समर्थन में पहुंचे मधेपुरा से छात्र, नेता श्रवण कुमार विश्वविद्यालय प्रशासन पर उठाए सवाल
नीतीश कुमार आनंद की रिपोर्ट
पूर्णिया विश्वविद्यालय में समर्थ पोर्टल के नाम पर छात्रों से लिए जा रहे ₹600 शुल्क को लेकर छात्रों का आक्रोश अब आंदोलन का रूप ले चुका है। इसी मुद्दे को लेकर छात्र नेता पीयूष पुजारा ने थाना चौक स्थित अनशन स्थल पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि वर्ष 2018-21 एवं 2025-29 सत्र के छात्रों से करोड़ों रुपये की राशि वसूली गई है, लेकिन अब तक इस राशि के उपयोग और उद्देश्य को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
अनशन के प्रथम दिन शाम 5 बजे बड़ी संख्या में छात्र और युवा अनशन स्थल पर पहुंचे तथा “इंकलाब जिंदाबाद” और “छात्र एकता जिंदाबाद” के नारों के साथ आंदोलन को अपना समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि समर्थ पोर्टल के नाम पर छात्रों से वसूली गई राशि का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए।
छात्र नेताओं का कहना है कि यदि समर्थ पोर्टल एक सरकारी एवं छात्रहित में उपलब्ध निशुल्क व्यवस्था है, तो छात्रों से अतिरिक्त शुल्क लेने का औचित्य क्या है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक छात्रों के पैसे का हिसाब सार्वजनिक नहीं किया जाता और मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि यदि शुल्क वसूली में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। छात्रों ने स्पष्ट कहा कि छात्रहित और पारदर्शिता की इस लड़ाई में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
“छात्रों के अधिकारों और न्याय की लड़ाई में हमारी आवाज पहले भी बुलंद थी, आज भी बुलंद है और आगे भी बुलंद रहेगी। छात्रहित सर्वोपरि है।” – आंदोलनकारी छात्र






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