भागलपुर: विक्रमशिला सेतु पर रिकॉर्ड समय में बने चार बेली ब्रिज, 7 जून से जनता को हुआ समर्पित

By Gaurav Kabir

Published on: June 8, 2026

​भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले के निवासियों और यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। विक्रमशिला सेतु (Vikramshila Setu) पर क्षतिग्रस्त स्लैब के स्थान पर रिकॉर्ड समय में चार बेली ब्रिज (Bailey Bridge)

भागलपुर: बिहार के भागलपुर जिले के निवासियों और यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। विक्रमशिला सेतु (Vikramshila Setu) पर क्षतिग्रस्त स्लैब के स्थान पर रिकॉर्ड समय में चार बेली ब्रिज (Bailey Bridge) का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र (Er. Kumar Shailendra) ने शनिवार को इन पुलों का निरीक्षण किया और घोषणा की कि 7 जून को सुबह 10 बजे इन्हें जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।

देश में पहली बार हैंगर ट्रस पर रिकॉर्ड समय में निर्माण

​निरीक्षण के दौरान मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र के साथ भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी (DM Nawal Kishore Choudhary) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

​निर्माण कार्य की समीक्षा के बाद पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि भागलपुर जिला प्रशासन, पथ निर्माण विभाग और सभी संबंधित एजेंसियों की दिन-रात की मेहनत का ही नतीजा है कि देश में पहली बार इतने कम समय में हैंगर ट्रस (Hanger Truss) पर बेली ब्रिज तैयार किया गया है। वर्तमान ढांचे की अंतिम समीक्षा कर ली गई है और यह पूरी तरह से सुरक्षित और संतोषजनक पाया गया है।

मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री के त्वरित एक्शन का दिखा असर

​मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने बताया कि विक्रमशिला सेतु का स्लैब क्षतिग्रस्त होने वाले दिन ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस गंभीर मामले का संज्ञान लिया था। बिना किसी देरी के उन्होंने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात कर आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग मांगा। राज्य सरकार, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के इसी संयुक्त प्रयास से इस चुनौतीपूर्ण कार्य को रिकॉर्ड समय में पूरा किया जा सका।

ट्रैफिक को लेकर क्या हैं नियम?

​भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने यातायात व्यवस्था के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि:

  • समय: 7 जून (रविवार) सुबह 10 बजे से बेली ब्रिज को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
  • छोटे वाहन: इस मार्ग से फिलहाल केवल छोटे वाहनों के आवागमन की अनुमति होगी।
  • बड़े वाहन: भारी और बड़े वाहनों के लिए पहले से निर्धारित वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था ही लागू रहेगी।

स्थायी समाधान पर 15 सितंबर के बाद होगा फैसला

​विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त स्लैब के स्थायी समाधान के सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में इसकी तकनीकी जांच और समीक्षा की जा रही है। विशेषज्ञों द्वारा सभी तकनीकी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है और 15 सितंबर के बाद इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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