पटना: बिहार में तकनीकी शिक्षा और रोजगारोन्मुखी कोर्सेज को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग (Science and Technology Department) के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में राज्य के तकनीकी संस्थानों को अपग्रेड करने और छात्रों को बेहतर भविष्य देने की दिशा में कई अहम फैसले लिए गए।
तकनीकी शिक्षा में उत्कृष्टता और नवाचार पर जोर
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य में तकनीकी शिक्षा (Technical Education in Bihar) के क्षेत्र में उत्कृष्टता, नवाचार (Innovation) और रोजगारोन्मुखी शिक्षा को हर हाल में बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने राज्य के सभी तकनीकी संस्थानों में अनुसंधान (Research) और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नए विचारों और शोध कार्यों को अपनाकर बिहार को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए एक योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है।
इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों की बनेगी ब्रांडिंग
छात्रों को तकनीकी शिक्षा की ओर आकर्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बड़ा निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य के अभियंत्रण महाविद्यालयों (Engineering Colleges) और पॉलिटेक्निक संस्थानों (Polytechnic Institutes) की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए उच्च गुणवत्ता (High-Quality) वाले वीडियो तैयार किए जाएं।
इन वीडियो के माध्यम से संस्थानों की विशिष्टताओं, प्लेसमेंट और वहां मौजूद सुविधाओं को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से अधिक से अधिक छात्र तकनीकी शिक्षा के प्रति आकर्षित होंगे और अपने करियर को एक नई दिशा दे सकेंगे।
- स्थान: ‘संकल्प सभागार’, लोक सेवक आवास।
- अध्यक्षता: माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी।
- लक्ष्य: बिहार को तकनीकी शिक्षा और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना।
- फोकस: रोजगारोन्मुखी शिक्षा, रिसर्च और छात्रों का बेहतर भविष्य।







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