बड़ी खुशखबरी: बिहारीगंज-बिहपुर वाया चौसा पचरासी नई रेल लाइन को मिली प्रशासनिक स्वीकृति, क्षेत्र में दौड़ेगी विकास की रफ्तार
उदाकिशुनगंज (मधेपुरा): बिहार के रेल यात्रियों और खासकर कोसी-अंग क्षेत्र के लोगों के लिए एक बेहद शानदार और बड़ी खबर है। रेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 में बिहार राज्य के लिए स्वीकृत 29 नई रेल लाइन निर्माण कार्यों में बिहारीगंज से बिहपुर वाया चौसा पचरासी नई रेल लाइन परियोजना को प्रशासनिक अनुमति मिल गई है।
इस बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना को हरी झंडी मिलने से उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र के लोगों में भारी उत्साह और खुशी की लहर है।
इस ऐतिहासिक फैसले पर रेलवे संघर्ष समिति, उदाकिशुनगंज के अध्यक्ष गौरव कबीर ने अपनी गहरी खुशी और प्रतिक्रिया व्यक्त की है।’उदाकिशुनगंज के लिए यह ऐतिहासिक और खुशी का पल’रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष गौरव कबीर ने कहा कि उदाकिशुनगंज अनुमंडल वासियों के लिए यह बेहद गौरवशाली और खुशी का पल है।
उन्होंने कहा:”रेलवे संघर्ष समिति, उदाकिशुनगंज द्वारा इस पिछड़े और उपेक्षित अनुमंडल क्षेत्र को रेलवे मानचित्र पर लाने के लिए लगातार मुहिम चलाई जा रही थी। यह प्रशासनिक स्वीकृति उसी लंबे संघर्ष और जन-आंदोलन का सुखद परिणाम है।
गौरव कबीर ने इस बड़ी सौगात के लिए भारत सरकार के माननीय रेल मंत्री, मधेपुरा सांसद, पूर्णिया सांसद और माननीय राज्यसभा सांसद मनोज झा का विशेष रूप से आभार प्रकट करते हुए उन्हें धन्यवाद और साधुवाद दिया है।
पचरासी धाम बनेगा पर्यटन स्थल, बढ़ेंगे रोजगार के अवसर:-
इस नई रेल लाइन के निर्माण से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर भी बदलेगी। अध्यक्ष गौरव कबीर ने इस परियोजना के फायदों को रेखांकित करते हुए कहा कि:बड़ी आबादी को लाभ: बिहारीगंज से बिहपुर वाया चौसा पचरासी रेल लाइन जुड़ने से अनुमंडल की एक बहुत बड़ी आबादी सीधे तौर पर रेलवे नेटवर्क से जुड़ जाएगी।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा:-
लोकदेवता बाबा विशु राउत की पावन नगरी और ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल पचरासी धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने की संभावनाओं को नई गति मिलेगी।
रोजगार की नई राहें:-
रेल कनेक्टिविटी बढ़ने और पचरासी के पर्यटन केंद्र बनने से स्थानीय स्तर पर व्यापार चमकेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अन्य लंबित रेल परियोजनाओं के लिए संघर्ष रहेगा जारी:-
गौरव कबीर ने क्षेत्र की जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि यह तो बस एक शुरुआत है। उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र की अन्य सभी लंबित रेल परियोजनाओं को धरातल पर उतारने और इस इलाके को पूरी तरह रेल नेटवर्क से पाटने की मुहिम लगातार जारी रहेगी। समिति तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक क्षेत्र की हर जायज मांग पूरी नहीं हो जाती।







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